किसी घटना E के न होने की भी एक प्रायिकता होती है — जिसे 'E नहीं' (E का पूरक) कहते हैं।
अगर E के होने की प्रायिकता पता हो, तो E के न होने की प्रायिकता गिनने की ज़रूरत ही नहीं — सीधे घटाव से मिल जाती है।
पूरक घटना — नियम समझकर हल और उसकी जाँच करना।
घटना हो या न हो, दोनों मिलकर सभी परिणाम बनाते हैं। इसलिए उनकी प्रायिकताओं का योग 1 है।
पूरक घटना के लिए P(E नहीं)=1−P(E), क्योंकि P(E)+P(E नहीं)=1।
P(E नहीं) = 1 − 3/8 = 8/8 − 3/8 = 5/8
P(E नहीं) = 5/8
मिली प्रायिकता 0 और 1 के बीच हो और दोनों का योग 1 आए।
घटना हो या न हो, दोनों मिलकर सभी परिणाम बनाते हैं। इसलिए उनकी प्रायिकताओं का योग 1 है।
पूरक घटना के लिए P(E नहीं)=1−P(E), क्योंकि P(E)+P(E नहीं)=1।
P(E नहीं) = 1 − 0.02 = 0.98
P(E नहीं) = 0.98
मिली प्रायिकता 0 और 1 के बीच हो और दोनों का योग 1 आए।
पहले विकल्प चुनें। फिर उत्तर और उसका कारण देखें। यह समझ की जाँच है।