सही उत्तर: (B) अपरिमेय संख्या (Irrational number)
दो अपरिमेय संख्याओं का गुणनफल हमेशा अपरिमेय नहीं होता। इसलिए दिए व्यंजक का गुणा करके मिले पदों को सरल करने के बाद उसका प्रकार तय करें।
दो अपरिमेय संख्याओं का गुणनफल हमेशा अपरिमेय नहीं होता। इसलिए यहाँ गुणा करके देखना होगा।
हर पद को दूसरे कोष्ठक के दोनों पदों से गुणा करें: (3 + √6)(3 − √5) = 9 − 3√5 + 3√6 − √30।
5, 6 और 30 में कोई पूर्ण वर्ग (Perfect square) गुणनखंड (Factors) 1 से बड़ा नहीं है। ये अलग-अलग मूल हैं; समान मूल वाले पदों की तरह जुड़कर कटते नहीं हैं। इस व्यंजक का मान अपरिमेय है।
(B) अपरिमेय संख्या (Irrational number)