दो त्रिभुजों की दो-दो संगत (Corresponding) भुजाएँ समान अनुपात (Ratio) में हों और उनके बीच का कोण बराबर हो, तो त्रिभुज समरूप (Similar) होते हैं।
ΔABC और ΔDEF में ∠A = ∠D तथा AB/DE = AC/DF है।
ΔABC ∼ ΔDEF।
जरूरत हो तो त्रिभुजों के नाम बदलकर AB ≤ DE लें। DE पर P ऐसा लें कि DP = AB। P से EF के समांतर PQ खींचें, जहाँ Q, DF पर है। यदि AB = DE, तो P = E और Q = F होंगे।
पहले ABC के बराबर आकार का सहायक त्रिभुज DPQ बनाएँगे। फिर उसकी समरूपता (Similarity) बड़े DEF से जोड़ेंगे।
PQ ∥ EF से संगत कोण (Corresponding angles) बराबर हैं। AA से ΔDPQ ∼ ΔDEF, इसलिए DP/DE = DQ/DF।
DP = AB तथा AB/DE = AC/DF दिए हैं। इन्हें पिछले अनुपात में रखने पर DQ = AC मिलता है। साथ में ∠PDQ = ∠A है। इसलिए SAS सर्वांगसमता से ΔABC ≅ ΔDPQ।
सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत कोण बराबर होते हैं। ΔABC के कोण ΔDPQ से और ΔDPQ के कोण ΔDEF से मिलते हैं। इसलिए ΔABC ∼ ΔDEF।
बराबर अंतर्वर्ती कोण और उससे लगी आनुपातिक भुजाओं से दोनों त्रिभुज समरूप हैं।