📖 उदाहरण से समझें (Learn with an Example)जैसे किसी बस में चढ़ने और उतरने वाले बच्चों की सही गिनती चाहिए, वैसे ही अभिक्रिया से पहले और बाद हर तत्व के परमाणुओं की गिनती बराबर होनी चाहिए।
🧠 समझिए (Understand)द्रव्यमान न बनाया जा सकता है, न नष्ट किया जा सकता है। इसलिए हर तत्व के परमाणुओं की संख्या LHS और RHS पर समान रहती है।
सूत्र के अंदर का छोटा अंक पदार्थ की पहचान है; उसे बदलना मना है। केवल सूत्र के आगे गुणांक (Coefficient) लगाएँ।
सबसे छोटे पूर्णांक गुणांक आजमाकर परमाणुओं की गिनती बराबर करने की इस विधि को निरीक्षण या हिट-एंड-ट्रायल विधि (Hit-and-trial method) कहते हैं।
उदाहरण 1 (Example 1) — Fe + H₂O → Fe₃O₄ + H₂लोहा भाप से अभिक्रिया करके Fe₃O₄ और हाइड्रोजन बनाता है।
RHS पर O = 4 है, इसलिए H₂O के आगे 4 लगाएँ: Fe + 4H₂O → Fe₃O₄ + H₂
LHS पर H = 8 है, इसलिए H₂ के आगे 4 लगाएँ।
RHS पर Fe = 3 है, इसलिए Fe के आगे 3 लगाएँ।
Fe: 3=3, H: 8=8, O: 4=4।
3Fe + 4H₂O → Fe₃O₄ + 4H₂
उदाहरण 2 (Example 2) — Al + O₂ → Al₂O₃ऐसे गुणांक चाहिए जिनसे O और Al दोनों बराबर हों।
O₂ में 2 और Al₂O₃ में 3 ऑक्सीजन हैं। 2 और 3 का LCM 6 है; इसलिए 3O₂ और 2Al₂O₃ लें।
2Al₂O₃ में Al = 4 है, इसलिए LHS पर 4Al लिखें।
Al: 4=4 और O: 6=6।
4Al + 3O₂ → 2Al₂O₃
⚠️ आम ग़लती (Common mistake)O₂ को O₃ या H₂O को H₂O₄ बनाकर संतुलित करना। ❌
छोटा अंक बदलने से पदार्थ ही बदल जाता है।
सूत्र वही रखें; केवल आगे 2, 3, 4 जैसे गुणांक लगाएँ।