सही विकल्प: (D) साइटोकाइनिन
इंसुलिन, थायरॉक्सिन और एस्ट्रोजन—तीनों जंतु हॉर्मोन हैं।
साइटोकाइनिन पादप हॉर्मोन है, जो कोशिका विभाजन में सहायक होता है।
सही विकल्प: (B) सिनेप्स
द्रुमिका और एक्सॉन न्यूरॉन के भाग हैं, आवेग संदेश है।
दो न्यूरॉन के बीच का खाली स्थान सिनेप्स कहलाता है, जहाँ संदेश रासायनिक रूप में पार होता है।
सही विकल्प: (D) उपरोक्त सभी
सोचना अग्रमस्तिष्क का काम है, हृदय स्पंदन मेडुला का और संतुलन अनुमस्तिष्क का।
तीनों काम मस्तिष्क के अलग-अलग भाग करते हैं।
जब प्ररोह के अग्र भाग पर एक ओर से प्रकाश पड़ता है, तो ऑक्सिन छाया वाली ओर अधिक इकट्ठा हो जाता है।
ऑक्सिन कोशिकाओं की लंबाई बढ़ाता है, इसलिए छाया वाली ओर की कोशिकाएँ अधिक लंबी हो जाती हैं।
उत्तर: एक ओर की कोशिकाएँ लंबी और दूसरी ओर की छोटी रहने के कारण पूरा प्ररोह प्रकाश की ओर झुक जाता है। इसी को धनात्मक प्रकाशानुवर्तन कहते हैं।
ग्राही हमारी ज्ञानेंद्रियों में होते हैं और पर्यावरण से सूचना ग्रहण करके उसे तंत्रिका तंत्र तक भेजते हैं—जैसे नाक में घ्राण ग्राही और जीभ पर रस ग्राही।
यदि ग्राही ठीक से काम न करें तो उद्दीपन की सूचना समय पर तंत्रिका तंत्र तक नहीं पहुँचेगी।
ऐसी स्थिति में अनुक्रिया देर से होगी या होगी ही नहीं, जिससे दुर्घटना हो सकती है—जैसे गर्म वस्तु छूने पर हाथ समय पर न हटना।
उत्तर: ग्राही का कार्य सूचना ग्रहण करना है। उनके ठीक से काम न करने पर शरीर खतरे को समय पर पहचान नहीं पाएगा और उचित अनुक्रिया नहीं कर सकेगा।
न्यूरॉन के तीन मुख्य भाग होते हैं—द्रुमिका, कोशिकाकाय तथा एक्सॉन।
द्रुमिका के सिरे पर सूचना ग्रहण की जाती है, जहाँ एक रासायनिक क्रिया से विद्युत आवेग उत्पन्न होता है।
यह आवेग द्रुमिका से कोशिकाकाय तक और फिर एक्सॉन के अंतिम सिरे तक जाता है।
एक्सॉन के अंत में यह आवेग कुछ रसायनों का स्रावण करता है, जो सिनेप्स पार करके अगली कोशिका में वैसा ही आवेग शुरू कर देते हैं।
उत्तर: न्यूरॉन का कार्य सूचना ग्रहण करना, उसे विद्युत आवेग के रूप में एक सिरे से दूसरे सिरे तक पहुँचाना और सिनेप्स के पार अगली कोशिका या पेशी तक संचारित करना है।