← अध्ययन

पुनर्भरण क्रियाविधि (Feedback Mechanism)

आज क्या सीखेंगे

यह समझाना कि हॉर्मोन का स्रावण अपने आप कैसे नियंत्रित रहता है।

📖 उदाहरण से समझें (Learn with an Example)
हॉर्मोन बहुत कम मात्रा में चाहिए—ज़्यादा हो जाए तो भी नुकसान और कम हो तो भी।
शरीर के पास कोई नापने वाला यंत्र नहीं है, फिर भी मात्रा ठीक रहती है। यह काम पुनर्भरण करता है।
🧠 समझिए (Understand)
यदि हॉर्मोन का स्रावण परिशुद्ध मात्रा में होना चाहिए, तो उसके लिए एक क्रियाविधि की आवश्यकता होती है।
स्रावित होने वाले हॉर्मोन का समय और मात्रा पुनर्भरण क्रियाविधि (Feedback mechanism) से नियंत्रित किया जाता है।
उदाहरण के लिए, यदि रुधिर में शर्करा का स्तर बढ़ जाता है तो इसे अग्न्याशय की कोशिका संसूचित कर लेती है और उसकी अनुक्रिया में अधिक इंसुलिन स्रावित करती है।
जब रुधिर में शर्करा का स्तर कम हो जाता है, तो इंसुलिन का स्रावण भी कम हो जाता है।
इस तरह हॉर्मोन का स्तर स्वयं अपने प्रभाव से नियंत्रित होता रहता है।
सूत्र (Formula)
शर्करा बढ़ी → इंसुलिन अधिक; शर्करा घटी → इंसुलिन कम
✍️ कैसे करें (How to solve)
  1. पहले बताइए किस चीज़ का स्तर बदला।
  2. फिर बताइए किस ग्रंथि ने उसे संसूचित किया।
  3. अंत में हॉर्मोन के स्रावण में हुए बदलाव से चक्र पूरा कीजिए।
उदाहरण 1 (Example 1) — रुधिर शर्करा का नियंत्रण
भोजन के बाद रुधिर में शर्करा बढ़ जाती है। आगे क्या होता है?
अग्न्याशय की कोशिकाएँ इस बढ़े हुए स्तर को संसूचित कर लेती हैं।
अनुक्रिया में वे अधिक इंसुलिन स्रावित करती हैं, जिससे शर्करा का स्तर घटने लगता है।
स्तर घटते ही इंसुलिन का स्रावण भी अपने आप कम हो जाता है।
यही पुनर्भरण क्रियाविधि है, जो हॉर्मोन की मात्रा को संतुलित रखती है।
उदाहरण 2 (Example 2) — तंत्रिका और हॉर्मोन की तुलना
दोनों समन्वय करते हैं, पर तरीका अलग है।
तंत्रिका तंत्र विद्युत आवेग से संदेश भेजता है, जो बहुत तेज़ होता है, पर केवल तंत्रिका से जुड़ी कोशिकाओं तक ही पहुँचता है और उसका प्रभाव अल्पकालिक होता है।
हॉर्मोन रुधिर द्वारा जाते हैं, इसलिए धीमे पहुँचते हैं पर शरीर की सभी कोशिकाओं तक पहुँच सकते हैं और उनका प्रभाव दीर्घकालिक होता है।
तेज़ और सीमित बनाम धीमा और व्यापक—यही दोनों का व्यतिरेक है।
⚠️ आम ग़लती (Common mistake)
हॉर्मोन का स्रावण हमेशा एक जैसा रहता है। ❌
स्रावण आवश्यकता के अनुसार बदलता रहता है और पुनर्भरण क्रियाविधि उसे नियंत्रित करती है।
पुनर्भरण क्रियाविधि हॉर्मोन का समय और मात्रा तय करती है।

खुद जाँचें — 3 छोटे सवाल

पहले विकल्प चुनें। फिर उत्तर और उसका कारण देखें। यह समझ की जाँच है।

सवाल 1

हॉर्मोन की क्रिया को कौन नियंत्रित करता है?

सवाल 2

रुधिर में शर्करा का स्तर बढ़ने पर अग्न्याशय क्या करता है?

सवाल 3

हॉर्मोन शरीर में किसके द्वारा लक्ष्य अंग तक पहुँचते हैं?
अगला विषय (Next topic): प्रश्नावली 7.3 →← पिछला विषय (Previous topic): अंतःस्रावी ग्रंथियाँ और उनके हॉर्मोन