अनावश्यक बल्ब, पंखा और उपकरण बंद रखूँगा तथा टपकते नल की मरम्मत करूँगा।
एकबार उपयोग वाली वस्तुओं से बचकर कपड़े का थैला, टिकाऊ बोतल और डिब्बा पुनः उपयोग करूँगा।
छोटी दूरी पैदल या साइकिल से और लंबी दूरी सार्वजनिक परिवहन से तय करूँगा।
गीला, सूखा और ई-कचरा अलग रखूँगा तथा भोजन और पानी व्यर्थ नहीं करूँगा।
निष्कर्ष: ऐसी आदतें संसाधन की खपत और प्रदूषण दोनों कम करती हैं।
कम समय में अधिक कच्चा माल और आर्थिक लाभ प्राप्त हो सकता है।
उद्योग, रोजगार और सरकारी राजस्व तेजी से बढ़ सकते हैं।
पर यह लाभ अस्थायी हो सकता है, क्योंकि तीव्र दोहन से संसाधन जल्दी घटता और पर्यावरण क्षतिग्रस्त होता है।
उत्तर: अल्पकालीन परियोजना तत्काल उत्पादन और आय देती है, पर भविष्य की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं करती।
अल्पकालीन योजना तुरंत अधिक लाभ पर केंद्रित होती है, जबकि दीर्घकालीन योजना संसाधन के पुनर्भरण और भविष्य की उपलब्धता देखती है।
दीर्घकालीन योजना मिट्टी, जल, जैव विविधता और स्थानीय समुदाय की जीविका पर प्रभाव भी जोड़ती है।
वह अपशिष्ट के सुरक्षित निपटान और लाभ के न्यायपूर्ण वितरण की व्यवस्था करती है।
निष्कर्ष: उसका तात्कालिक लाभ कम दिख सकता है, पर वह अधिक स्थायी और व्यापक होता है।
कॉलिफॉर्म जीवाणु सामान्यतः मनुष्य और अन्य उष्ण रक्त वाले जीवों की आँत में पाए जाते हैं।
जल में उनकी अधिक संख्या बताती है कि पानी मल-जनित अपशिष्ट से संदूषित हुआ हो सकता है।
इससे रोगजनक सूक्ष्मजीव उपस्थित होने का जोखिम भी बढ़ता है।
उत्तर: कॉलिफॉर्म जल की स्वच्छता का संकेतक है; केवल pH देखकर पानी को पीने योग्य नहीं माना जा सकता।
हाँ। प्राकृतिक संसाधन जीवन की मूल जरूरतें पूरी करते हैं, इसलिए उनका लाभ समाज के सभी वर्गों और भावी पीढ़ियों तक पहुँचना चाहिए।
समान वितरण के विरुद्ध धन और राजनीतिक शक्ति का केंद्रीकरण काम कर सकता है।
बड़े उद्योग और ठेकेदार कम कीमत पर अधिक कच्चा माल लेने के लिए नीति को प्रभावित कर सकते हैं।
भ्रष्टाचार, कमजोर स्थानीय भागीदारी, बाजार का दबाव और लोगों में जानकारी की कमी भी असमानता बढ़ाते हैं।
उत्तर: पारदर्शी नियम, स्थानीय भागीदारी और लाभ-साझेदारी से इन शक्तियों को संतुलित किया जा सकता है।