छोटी दूरी पैदल या साइकिल से और लंबी दूरी बस, रेल या साझा वाहन से जाएँ।
वाहन की नियमित सर्विस कराएँ, सही टायर दबाव रखें और इंजन बेकार चालू न छोड़ें।
अनावश्यक बिजली उपकरण बंद रखें और ऊर्जा-कुशल LED तथा उपकरण अपनाएँ।
सौर ऊर्जा, बायोगैस और अन्य स्वच्छ नवीकरणीय विकल्पों का उपयोग बढ़ाएँ।
पर्याप्त ऑक्सीजन में कार्बन का पूर्ण दहन मुख्यतः CO₂ बनाता है और ईंधन से अधिक ऊर्जा मिलती है।
ऑक्सीजन कम होने पर अपूर्ण दहन से कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) और कालिख बन सकती है।
CO रंगहीन और विषैली गैस है, क्योंकि वह रक्त में हीमोग्लोबिन से जुड़कर ऑक्सीजन परिवहन घटाती है।
इसलिए दक्ष इंजन और पर्याप्त वायु दहन को अधिक पूर्ण बनाकर ईंधन तथा प्रदूषण दोनों घटाते हैं।
वे लाखों वर्षों में बने सीमित जीवाश्म ईंधन हैं और मानव समय-मान में दोबारा नहीं बनते।
दहन से CO₂ निकलती है, जो हरितगृह प्रभाव और वैश्विक ताप वृद्धि बढ़ाती है।
सल्फर और नाइट्रोजन के ऑक्साइड वायु प्रदूषण और अम्ल वर्षा में योगदान करते हैं; अपूर्ण दहन से विषैली CO बन सकती है।
कम उपयोग से भंडार अधिक समय चलेगा और प्रदूषण तथा जलवायु पर दबाव दोनों घटेंगे।