नासिका गुहा
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ग्रसनी
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कंठ
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श्वासनली
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दायाँ श्वसनी बायाँ श्वसनी
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दायाँ फेफड़ा बायाँ फेफड़ा
(वायुकोष्ठ) (वायुकोष्ठ)
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मध्यपट
साँस लेते समय वायु नासिका गुहा से ग्रसनी, कंठ और श्वासनली से होकर श्वसनियों द्वारा फेफड़ों में पहुँचती है।
श्वसनियाँ फेफड़ों में छोटी शाखाओं में बँटती हैं, जिनके सिरों पर वायुकोष्ठ होते हैं। यहीं रक्त और वायु के बीच गैसों का आदान-प्रदान होता है।
मध्यपट (Diaphragm) फेफड़ों के नीचे स्थित पेशीय परत है। इसके ऊपर-नीचे होने से साँस लेने और छोड़ने में सहायता मिलती है।