बायोगैस संयंत्र में गोबर और अन्य जैविक पदार्थों का ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में अपघटन करके ईंधन गैस बनाई जाती है। इस गैस का मुख्य घटक मीथेन होता है।
इसके मुख्य भाग हैं—मिश्रण टंकी, प्रवेश नली, भूमिगत वायुरुद्ध पाचक टंकी, गैस एकत्र करने वाला गुंबद, गैस निकालने की नली और निकास टंकी।
1. गोबर और पानी का घोल बनाकर प्रवेश नली से पाचक टंकी में डाला जाता है।
2. वायुरुद्ध टंकी में जीवाणु जैविक पदार्थों का अपघटन करते हैं और बायोगैस बनती है।
3. गैस गुंबद में एकत्र होती है और नली से चूल्हे या अन्य उपकरण तक पहुँचाई जाती है।
4. बचा हुआ घोल निकास टंकी से बाहर आता है और पोषक खाद के रूप में उपयोग किया जाता है।
इस संयंत्र से जैविक कचरे का उपयोग करके स्वच्छ ईंधन और अच्छी खाद, दोनों प्राप्त होते हैं।