परागकणों का परागकोश से उसी जाति के फूल के वर्तिकाग्र तक पहुँचना परागण (Pollination) कहलाता है।
यह स्वपरागण या परपरागण हो सकता है। परागकण हवा, जल या कीटों की सहायता से पहुँच सकते हैं।