कुछ एरोसॉल में प्रयुक्त क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFC) वायुमंडल की ओजोन परत को क्षति पहुँचाते हैं।
ओजोन परत के पतले होने से सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी किरणें अधिक मात्रा में पृथ्वी तक पहुँचती हैं। इससे त्वचा और आँखों को नुकसान हो सकता है।