DNA में जीन होते हैं, जो जीवों के लक्षणों की जानकारी रखते हैं।
DNA अपनी प्रतिलिपि बनाकर जनन के समय माता-पिता के लक्षणों की जानकारी संतानों तक पहुँचाता है। इसलिए DNA आनुवंशिकता का आधार है।