रासायनिक समीकरण से पता चलता है कि कौन-से पदार्थ अभिक्रिया करते हैं (अभिकारक) और कौन-से नए पदार्थ बनते हैं (उत्पाद)।
अभिकारकों और उत्पादों के आगे लिखे गुणांक उनकी सापेक्ष संख्या या मोल का अनुपात बताते हैं।
समीकरण में पदार्थों की भौतिक अवस्था तथा तीर के ऊपर लिखी अभिक्रिया की आवश्यक शर्तें, जैसे ताप या प्रकाश, दी जा सकती हैं।