जब ऊर्जा की माँग उपलब्ध ऊर्जा से अधिक हो जाए और उसकी पर्याप्त आपूर्ति न हो सके, तो इस स्थिति को ऊर्जा-संकट कहते हैं। जनसंख्या, परिवहन और उद्योगों के बढ़ने तथा कोयला, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस जैसे सीमित स्रोतों के घटने से यह संकट बढ़ता है।
1. आवश्यकता न होने पर बिजली के उपकरण बंद रखें और ऊर्जा-कुशल उपकरण अपनाएँ।
2. सौर, पवन, जल और बायोगैस जैसे नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का उपयोग बढ़ाएँ।
3. सार्वजनिक परिवहन, साइकिल और साझा वाहन अपनाकर पेट्रोल-डीजल की खपत कम करें।
4. बिजली के उत्पादन और वितरण में होने वाली हानि को कम करें।
5. उद्योगों और घरों में ईंधन तथा बिजली का योजनाबद्ध और विवेकपूर्ण उपयोग करें।
ऊर्जा की बचत और स्वच्छ, नवीकरणीय स्रोतों का विकास ऊर्जा-संकट को कम करने के प्रमुख उपाय हैं।