आर्हेनियस के अनुसार अम्ल और क्षार की पहचान उनके जलीय विलयन में बनने वाले आयनों से होती है।
जो पदार्थ पानी में घुलकर हाइड्रोजन आयन (H⁺) देता है, वह अम्ल कहलाता है। ये आयन पानी के अणुओं से जुड़कर हाइड्रोनियम आयन (H₃O⁺) बनाते हैं।
हाइड्रोक्लोरिक अम्ल पानी में आयनित होकर हाइड्रोजन आयन देता है: HCl → H⁺ + Cl⁻। इसी कारण इसका जलीय विलयन अम्लीय होता है।
जो पदार्थ पानी में घुलकर हाइड्रॉक्साइड आयन (OH⁻) देता है, वह आर्हेनियस क्षार कहलाता है।
सोडियम हाइड्रॉक्साइड पानी में Na⁺ और OH⁻ आयन देता है: NaOH → Na⁺ + OH⁻। इसलिए इसका जलीय विलयन क्षारीय होता है।
अम्ल के H⁺ और क्षार के OH⁻ मिलकर पानी बनाते हैं: H⁺ + OH⁻ → H₂O। इस प्रकार अम्ल और क्षार की अभिक्रिया से उदासीनीकरण होता है।