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खण्ड ब (B) · दीर्घ उत्तरीय · प्रश्न 19
अम्ल तथा क्षार की Arrhenius व्याख्या कीजिए।

व्याख्या का आधार

आर्हेनियस के अनुसार अम्ल और क्षार की पहचान उनके जलीय विलयन में बनने वाले आयनों से होती है।

अम्ल की परिभाषा

जो पदार्थ पानी में घुलकर हाइड्रोजन आयन (H⁺) देता है, वह अम्ल कहलाता है। ये आयन पानी के अणुओं से जुड़कर हाइड्रोनियम आयन (H₃O⁺) बनाते हैं।

अम्ल का उदाहरण

हाइड्रोक्लोरिक अम्ल पानी में आयनित होकर हाइड्रोजन आयन देता है: HCl → H⁺ + Cl⁻। इसी कारण इसका जलीय विलयन अम्लीय होता है।

क्षार की परिभाषा

जो पदार्थ पानी में घुलकर हाइड्रॉक्साइड आयन (OH⁻) देता है, वह आर्हेनियस क्षार कहलाता है।

क्षार का उदाहरण

सोडियम हाइड्रॉक्साइड पानी में Na⁺ और OH⁻ आयन देता है: NaOH → Na⁺ + OH⁻। इसलिए इसका जलीय विलयन क्षारीय होता है।

उदासीनीकरण

अम्ल के H⁺ और क्षार के OH⁻ मिलकर पानी बनाते हैं: H⁺ + OH⁻ → H₂O। इस प्रकार अम्ल और क्षार की अभिक्रिया से उदासीनीकरण होता है।