pH किसी विलयन में हाइड्रोजन आयनों की सांद्रता का माप है। सामान्यतः इसका मान 0 से 14 तक होता है। pH 7 उदासीन, 7 से कम अम्लीय और 7 से अधिक क्षारीय प्रकृति दर्शाता है।
1. पाचन: आमाशय में हाइड्रोक्लोरिक अम्ल भोजन के पाचन में सहायता करता है। अधिक अम्लता होने पर क्षारकीय प्रतिअम्ल औषधि (Antacid) राहत देती है।
2. दाँतों की सुरक्षा: मुँह का pH लगभग 5.5 से कम होने पर दाँतों का इनेमल क्षतिग्रस्त होने लगता है। क्षारीय टूथपेस्ट अम्ल के प्रभाव को कम करता है।
3. कृषि: पौधों की अच्छी वृद्धि के लिए मिट्टी का उपयुक्त pH आवश्यक है। अधिक अम्लीय मिट्टी में चूना मिलाया जा सकता है।
4. जीवों का जीवन: शरीर की अनेक जैविक क्रियाएँ एक सीमित pH पर ही ठीक से होती हैं।
5. कीट-दंश: मधुमक्खी के डंक से आए अम्लीय पदार्थ के प्रभाव को खाने का सोडा लगाकर कम किया जा सकता है।