जीवों द्वारा भोजन प्राप्त करने और उससे ऊर्जा, वृद्धि तथा शरीर की मरम्मत के लिए आवश्यक पदार्थ लेने की प्रक्रिया को पोषण (Nutrition) कहते हैं।
हरे पौधे और कुछ जीव सूर्य के प्रकाश, कार्बन डाइऑक्साइड और जल की सहायता से अपना भोजन स्वयं बनाते हैं। इस प्रक्रिया को प्रकाश-संश्लेषण कहते हैं।
जो जीव भोजन के लिए दूसरे जीवों पर निर्भर रहते हैं, उनमें परपोषी पोषण होता है। इसके प्रमुख रूप हैं:
• प्राणिसम पोषण: भोजन ग्रहण करके शरीर के भीतर पचाया जाता है; जैसे मनुष्य और अमीबा।
• मृतजीवी पोषण: मृत और सड़े-गले पदार्थों से घुला भोजन लिया जाता है; जैसे कवक।
• परजीवी पोषण: जीव किसी जीवित पोषक से भोजन लेता है और उसे हानि पहुँचा सकता है; जैसे अमरबेल।
दो जीव साथ रहकर एक-दूसरे को लाभ पहुँचाते हैं। जैसे लाइकेन में शैवाल भोजन बनाता है और कवक जल तथा आश्रय देता है।