किसी आयनिक यौगिक की पिघली हुई अवस्था या उसके जलीय विलयन में विद्युत धारा प्रवाहित करने पर उसका रासायनिक अपघटन होता है। इस प्रक्रिया को वैद्युत अपघटन (Electrolysis) कहते हैं।
अम्लीय जल में विद्युत धारा प्रवाहित करने पर वह हाइड्रोजन और ऑक्सीजन गैसों में टूटता है:
2H₂O → 2H₂ + O₂