क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFC) और हैलोन जैसी गैसें समतापमंडल में पहुँचकर क्लोरीन या ब्रोमीन मुक्त करती हैं। ये तत्व ओजोन के अणुओं को नष्ट करते हैं, जिससे ओजोन परत पतली होती है।
1. मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल (Montreal Protocol) के अंतर्गत ओजोन को हानि पहुँचाने वाली गैसों के उत्पादन और उपयोग को चरणबद्ध ढंग से कम किया गया।
2. रेफ्रिजरेटर, वातानुकूलक और स्प्रे में CFC के स्थान पर कम हानिकारक पदार्थों का उपयोग बढ़ाया गया।
3. पुराने शीतलन उपकरणों की गैस को सुरक्षित ढंग से निकालने, दोबारा उपयोग करने और रिसाव रोकने की व्यवस्था की गई।
4. उद्योगों पर नियंत्रण, वायुमंडल की निगरानी और लोगों में जागरूकता बढ़ाई गई।
इन उपायों का उद्देश्य ओजोन परत को बचाना और पृथ्वी तक पहुँचने वाली हानिकारक पराबैंगनी किरणों को कम करना है।