पृथ्वी के अंदर की ऊष्मा से प्राप्त ऊर्जा को भू-ऊष्मीय ऊर्जा कहते हैं।
पृथ्वी के भीतर गर्म चट्टानों और उनसे गर्म हुए पानी या भाप की ऊष्मा इस ऊर्जा का स्रोत है।