विलयन में H⁺ आयनों की सांद्रता जितनी अधिक होती है, वह उतना ही अधिक अम्लीय होता है।
H⁺ आयनों की सांद्रता बढ़ने पर pH घटता है। सांद्रता घटने पर pH बढ़ता है और विलयन कम अम्लीय होता है।
इसलिए H⁺ आयनों की सांद्रता से विलयन की अम्लीय या कम अम्लीय प्रकृति का पता चलता है।