शंकु के छिन्नक का वक्रपृष्ठ — नियम समझकर हल और उसकी जाँच करना।
एक शंकु के छिन्नक की तिर्यक ऊँचाई 4 सेमी है तथा इसके वृत्तीय सिरों के परिमाप 18 सेमी और 6 सेमी हैं।
इसका वक्रपृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
छिन्नक में ऊपर-नीचे दो गोल किनारे होते हैं। वक्र क्षेत्रफल उनकी औसत परिधि × तिर्यक ऊँचाई है।
नियम का सांकेतिक चित्र; मापानुसार नहीं। अक्षर इसी चित्र के हैं—सवाल की संगत भुजाएँ पहचानें।
छिन्नक का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = π(R+r)l = (दोनों परिधियों का औसत)×तिर्यक ऊँचाई।
वक्रपृष्ठ = (परिधि1+परिधि2)/2 × l = (18+6)/2 × 4 = 12 × 4
48 वर्ग सेमी
तिर्यक ऊँचाई के लिए दोनों त्रिज्याओं का अंतर लें: l² = h² + (R − r)²।
एक शंकु के छिन्नक की तिर्यक ऊँचाई 4 सेमी है तथा इसके वृत्तीय सिरों के परिमाप 15 सेमी और 7 सेमी हैं।
इसका वक्रपृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
छिन्नक में ऊपर-नीचे दो गोल किनारे होते हैं। वक्र क्षेत्रफल उनकी औसत परिधि × तिर्यक ऊँचाई है।
नियम का सांकेतिक चित्र; मापानुसार नहीं। अक्षर इसी चित्र के हैं—सवाल की संगत भुजाएँ पहचानें।
छिन्नक का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = π(R+r)l = (दोनों परिधियों का औसत)×तिर्यक ऊँचाई।
वक्रपृष्ठ = (15+7)/2 × 4 = 11 × 4
44 वर्ग सेमी
तिर्यक ऊँचाई के लिए दोनों त्रिज्याओं का अंतर लें: l² = h² + (R − r)²।
पहले विकल्प चुनें। फिर उत्तर और उसका कारण देखें। यह समझ की जाँच है।