शंकु और अर्धगोले से बने ठोस का पृष्ठीय क्षेत्रफल — नियम समझकर हल और उसकी जाँच करना।
एक खिलौना शंकु और अर्धगोले को जोड़कर बना है, दोनों की त्रिज्या 21 cm है। शंकु की ऊँचाई 28 cm है।
कुल दिखने वाला पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
जुड़ी आकृति में केवल बाहर दिखाई देने वाली सतहें गिनी जाती हैं। साझा जुड़ने वाला गोल आधार बाहर नहीं है।
सवाल की माप और चिह्न देखकर चित्र को चरणों से मिलाएँ। चित्र मापानुसार नहीं है।
जुड़े ठोस में केवल दिखाई देने वाली बाहरी सतह जोड़ें। शंकु का CSA=πrl और अर्धगोले का CSA=2πr²; जुड़ा गोल आधार नहीं गिनते।
तिर्यक ऊँचाई l = √(21² + 28²) = √(441 + 784) = √1225 = 35 cm
शंकु का वक्र पृष्ठ = πrl = (22/7) × 21 × 35
अर्धगोले का वक्र पृष्ठ = 2πr² = 2 × (22/7) × 21²
कुल = 5082 cm²
शंकु के वक्र क्षेत्रफल में तिर्यक ऊँचाई l लें; सीधी ऊँचाई h नहीं।
एक खिलौना शंकु और अर्धगोले को जोड़कर बना है, दोनों की त्रिज्या 35 cm है। शंकु की ऊँचाई 84 cm है।
कुल दिखने वाला पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
जुड़ी आकृति में केवल बाहर दिखाई देने वाली सतहें गिनी जाती हैं। साझा जुड़ने वाला गोल आधार बाहर नहीं है।
सवाल की माप और चिह्न देखकर चित्र को चरणों से मिलाएँ। चित्र मापानुसार नहीं है।
जुड़े ठोस में केवल दिखाई देने वाली बाहरी सतह जोड़ें। शंकु का CSA=πrl और अर्धगोले का CSA=2πr²; जुड़ा गोल आधार नहीं गिनते।
तिर्यक ऊँचाई l = √(35² + 84²) = √(1225 + 7056) = √8281 = 91 cm
शंकु का वक्र पृष्ठ = πrl = (22/7) × 35 × 91
अर्धगोले का वक्र पृष्ठ = 2πr² = 2 × (22/7) × 35²
कुल = 17710 cm²
शंकु के वक्र क्षेत्रफल में तिर्यक ऊँचाई l लें; सीधी ऊँचाई h नहीं।
पहले विकल्प चुनें। फिर उत्तर और उसका कारण देखें। यह समझ की जाँच है।