बोर्ड परीक्षा में पूछा गया — 2026
2026 · 2 अंक
H⁺ आयन और अम्लीयता — विलयन में H⁺ आयनों की सांद्रता जितनी अधिक होती है, वह उतना ही अधिक अम्लीय होता है।
pH का प्रभाव — H⁺ आयनों की सांद्रता बढ़ने पर pH घटता है। सांद्रता घटने पर pH बढ़ता है और विलयन कम अम्लीय होता है।
निष्कर्ष — इसलिए H⁺ आयनों की सांद्रता से विलयन की अम्लीय या कम अम्लीय प्रकृति का पता चलता है।