सोडियम सक्रियता श्रेणी में सबसे ऊपर की धातुओं में है और ऑक्सीजन तथा जल से बहुत तेज़ी से अभिक्रिया करता है।
खुले में रखने पर यह हवा से अभिक्रिया करके आग पकड़ सकता है।
उत्तर: मिट्टी का तेल सोडियम को हवा और नमी से अलग रखता है, जिससे अभिक्रिया और आकस्मिक आग दोनों रुक जाती हैं।
धातु अम्ल से हाइड्रोजन को विस्थापित करती है, इसलिए हाइड्रोजन गैस बनती है।
लोहा और सल्फ्यूरिक अम्ल से फेरस सल्फेट तथा हाइड्रोजन बनते हैं।
उत्तर: हाइड्रोजन गैस बनती है। Fe(s) + H₂SO₄(aq) → FeSO₄(aq) + H₂(g)
जिंक सक्रियता श्रेणी में लोहे से ऊपर है, इसलिए वह लोहे को विस्थापित कर देगा।
विलयन का हल्का हरा रंग फीका पड़ने लगता है और भूरे रंग का लोहा जमा होता है।
उत्तर: जिंक लोहे को विस्थापित कर देता है। Zn(s) + FeSO₄(aq) → ZnSO₄(aq) + Fe(s)
लोहा ठंडे या गर्म जल से अभिक्रिया नहीं करता, केवल भाप से करता है।
3Fe(s) + 4H₂O(g) → Fe₃O₄(s) + 4H₂(g)
Ca(s) + 2H₂O(l) → Ca(OH)₂(aq) + H₂(g)
2K(s) + 2H₂O(l) → 2KOH(aq) + H₂(g) + ऊष्मा
उत्तर: (i) 3Fe + 4H₂O(g) → Fe₃O₄ + 4H₂ (ii) Ca + 2H₂O → Ca(OH)₂ + H₂ तथा 2K + 2H₂O → 2KOH + H₂ + ऊष्मा। पोटैशियम की अभिक्रिया इतनी ऊष्माक्षेपी है कि हाइड्रोजन जल उठती है।
जो धातु किसी दूसरी धातु को उसके लवण विलयन से विस्थापित कर दे, वही अधिक क्रियाशील है।
B ताँबे को विस्थापित करती है, यानी B ताँबे से ऊपर है—यह सबसे अधिक क्रियाशील निकलती है।
A लोहे से नीचे पर चाँदी से ऊपर है। C केवल चाँदी को विस्थापित करती है, इसलिए वह A से नीचे है।
D किसी को विस्थापित नहीं करती, इसलिए वह सबसे कम क्रियाशील है।
उत्तर: (i) B सबसे अधिक क्रियाशील है। (ii) B को कॉपर(II) सल्फेट में डालने पर नीले विलयन का रंग फीका पड़ेगा और B पर ताँबे की भूरी परत जमेगी। (iii) B > A > C > D।