आयनिक यौगिक में धनायन और ऋणायन प्रबल स्थिर वैद्युत बल से बँधे होते हैं।
इस प्रबल अंतर-आयनिक आकर्षण को तोड़ने के लिए बहुत अधिक ऊर्जा चाहिए।
उत्तर: क्योंकि आयनों के बीच का आकर्षण बहुत प्रबल होता है और उसे तोड़ने में काफी ऊर्जा लगती है, इसलिए इनके गलनांक तथा क्वथनांक ऊँचे होते हैं।
विलयन या गलित अवस्था में चालन आवेशित कणों के मुक्त होकर चलने से होता है।
ठोस की कठोर संरचना में आयन अपनी जगह से हिल नहीं सकते।
ऊष्मा से आयनों के बीच का स्थिर वैद्युत आकर्षण टूट जाता है और वे स्वतंत्र होकर चलने लगते हैं।
उत्तर: ठोस में आयन गतिशील नहीं होते, इसलिए चालन नहीं होता; गलित अवस्था में वे मुक्त होकर चलते हैं, इसलिए चालन होता है।
Na = 2,8,1; O = 2,6; Mg = 2,8,2
हर सोडियम एक इलेक्ट्रॉन देता है और ऑक्सीजन को दो चाहिए, इसलिए दो सोडियम परमाणु एक ऑक्सीजन परमाणु को दो इलेक्ट्रॉन देते हैं।
2Na → 2Na⁺ + 2e⁻ तथा O + 2e⁻ → O²⁻
मैग्नीशियम दो इलेक्ट्रॉन देता है और ऑक्सीजन दोनों ले लेती है।
Mg → Mg²⁺ + 2e⁻ तथा O + 2e⁻ → O²⁻
उत्तर: Na₂O में Na⁺ और O²⁻ आयन हैं; MgO में Mg²⁺ और O²⁻ आयन हैं। दोनों ही धातु से अधातु में इलेक्ट्रॉन के स्थानांतरण से बने आयनिक यौगिक हैं।