📖 उदाहरण से समझें (Learn with an Example)ब्यूटेन का सूत्र C₄H₁₀ है। इसे सीधी शृंखला में भी लिखा जा सकता है और शाखा वाली शृंखला में भी।
दोनों में परमाणुओं की संख्या वही है, पर जुड़ने का क्रम अलग—और इसी से गुण भी बदल जाते हैं।
🧠 समझिए (Understand)कार्बन की शृंखला सीधी, शाखायुक्त या वलय (Ring) के रूप में हो सकती है।
जिन यौगिकों का आणविक सूत्र समान हो पर संरचना अलग हो, उन्हें संरचनात्मक समावयव (Structural isomers) कहते हैं।
ब्यूटेन C₄H₁₀ के दो समावयव हैं: सीधी शृंखला वाला n-ब्यूटेन और शाखा वाला आइसोब्यूटेन।
पेन्टेन C₅H₁₂ के तीन समावयव संभव हैं।
वलय वाले यौगिक भी बनते हैं, जैसे साइक्लोहेक्सेन C₆H₁₂ और बेन्ज़ीन C₆H₆।
केवल कार्बन और हाइड्रोजन से बने यौगिक हाइड्रोकार्बन (Hydrocarbons) कहलाते हैं। संतृप्त हाइड्रोकार्बन ऐल्केन, द्वि-आबंध वाले ऐल्कीन और त्रि-आबंध वाले ऐल्काइन कहलाते हैं।
उदाहरण 1 (Example 1) — पेन्टेन के समावयवC₅H₁₂ के कितने संरचनात्मक समावयव बन सकते हैं?
पहला सीधी शृंखला वाला n-पेन्टेन है, जिसमें पाँचों कार्बन एक कतार में हैं।
दूसरा आइसोपेन्टेन है, जिसमें चार कार्बन की शृंखला पर एक मेथिल शाखा लगी है।
तीसरा नियोपेन्टेन है, जिसमें बीच के कार्बन पर चार मेथिल समूह लगे हैं।
पेन्टेन के तीन संरचनात्मक समावयव संभव हैं।
उदाहरण 2 (Example 2) — साइक्लोपेन्टेनवलय वाले संतृप्त हाइड्रोकार्बन का सूत्र कैसे निकालें?
वलय बनाने में दो सिरे आपस में जुड़ जाते हैं, इसलिए दो हाइड्रोजन कम हो जाते हैं।
पाँच कार्बन की सीधी शृंखला C₅H₁₂ होती; वलय बनने पर C₅H₁₀ रह जाता है।
साइक्लोपेन्टेन का सूत्र C₅H₁₀ है।
⚠️ आम ग़लती (Common mistake)आणविक सूत्र समान हो तो यौगिक भी वही होगा। ❌
समान सूत्र के साथ अलग संरचना संभव है; ऐसे यौगिक समावयव कहलाते हैं और उनके गुण अलग होते हैं।
समान सूत्र + अलग संरचना = संरचनात्मक समावयव।