सही विकल्प: (B) यीस्ट
यीस्ट के शरीर पर कलिका उभरती है, जो बढ़कर नया जीव बन जाती है और फिर अलग हो जाती है।
अमीबा और लेश्मानिया द्विखंडन दिखाते हैं तथा प्लैज्मोडियम बहुखंडन।
सही विकल्प: (C) शुक्रवाहिका
अंडाशय, गर्भाशय और डिंबवाहिनी—तीनों मादा जनन तंत्र के भाग हैं।
शुक्रवाहिका नर जनन तंत्र का भाग है, जिससे शुक्राणु आगे बढ़ते हैं।
सही विकल्प: (D) पराग कण
परागकोश पुंकेसर का भाग है और पुंकेसर पुष्प का नर जनन अंग है।
इसी में पीले रंग के परागकण बनते हैं, जिनमें नर युग्मक होते हैं।
वृषण का पहला कार्य शुक्राणुओं, यानी नर युग्मकों का उत्पादन करना है।
दूसरा कार्य टेस्टोस्टेरोन हॉर्मोन का स्रावण है।
टेस्टोस्टेरोन शुक्राणु उत्पादन को नियंत्रित करता है और यौवनारंभ पर लड़कों में आने वाले परिवर्तनों के लिए उत्तरदायी है।
उत्तर: वृषण एक साथ जनन अंग भी है और अंतःस्रावी ग्रंथि भी—वह शुक्राणु तथा टेस्टोस्टेरोन दोनों बनाता है।
हर महीने अंडाशय एक परिपक्व अंड छोड़ता है और गर्भाशय अपनी भित्ति को मोटा तथा स्पंजी बना लेता है, ताकि निषेचित अंड को पोषण मिल सके।
यदि अंड निषेचित नहीं होता तो वह लगभग एक दिन में नष्ट हो जाता है और यह मोटी परत आवश्यक नहीं रहती।
तब यह परत धीरे-धीरे टूटकर रुधिर तथा म्यूकस के रूप में योनि से बाहर आ जाती है।
उत्तर: निषेचन न होने पर गर्भाशय की तैयार परत के टूटकर बाहर आने को ऋतुस्राव कहते हैं; यह चक्र लगभग 28 दिन में एक बार दोहराया जाता है।