निकट-दृष्टि का कारण बताना और संशोधक लेंस की क्षमता निकालना।
📖 उदाहरण से समझें (Learn with an Example)
कक्षा में पीछे बैठा विद्यार्थी श्यामपट्ट नहीं पढ़ पाता, पर अपनी कॉपी आराम से पढ़ लेता है।
उसकी आँख दूर की वस्तु का प्रतिबिंब दृष्टिपटल तक पहुँचने ही नहीं देती—वह पहले ही बन जाता है।
🧠 समझिए (Understand)
निकट-दृष्टि दोष (Myopia) में व्यक्ति पास की वस्तुएँ तो सुस्पष्ट देख लेता है, पर दूर की वस्तुएँ धुँधली दिखाई देती हैं।
ऐसे नेत्र में दूर की वस्तु का प्रतिबिंब दृष्टिपटल पर न बनकर उसके सामने बनता है।
इसके दो कारण हो सकते हैं—अभिनेत्र लेंस की वक्रता का अत्यधिक होना, जिससे उसकी अभिसरण क्षमता बढ़ जाती है, अथवा नेत्र गोलक का लंबा हो जाना।
ऐसे नेत्र का दूर बिंदु अनंत पर न होकर कम दूरी पर आ जाता है—जैसे 80 cm अथवा 1.2 m पर।
इस दोष का संशोधन उचित क्षमता के अवतल लेंस (Concave lens) से किया जाता है।
अवतल लेंस किरणों को थोड़ा फैला देता है, जिससे अनंत से आती वस्तु का प्रतिबिंब दोषयुक्त नेत्र के दूर बिंदु पर बन जाता है और वहाँ से नेत्र उसे दृष्टिपटल पर फोकसित कर लेता है।
इसलिए संशोधक लेंस की फोकस दूरी नेत्र के दूर बिंदु की दूरी के बराबर, पर ऋण चिह्न सहित ली जाती है।
निकट-दृष्टि में दूर की वस्तु का प्रतिबिंब दृष्टिपटल के सामने बनता है; अवतल लेंस किरणों को फैलाकर सुधार करता है।
सूत्र (Formula)
f = − (दूर बिंदु की दूरी); P = 1/f
✍️ कैसे करें (How to solve)
पहले दूर बिंदु की दूरी लिखिए।
उसे ऋणात्मक करके मीटर में बदलिए—यही f है।
फिर P = 1/f से क्षमता निकालिए।
उदाहरण 1 (Example 1) — 1.2 m वाला दोष
निकट दृष्टिदोष का कोई व्यक्ति 1.2 m से अधिक दूरी पर रखी वस्तुओं को सुस्पष्ट नहीं देख सकता। इस दोष को दूर करने के लिए प्रयुक्त संशोधक लेंस किस प्रकार का होना चाहिए?
यह निकट-दृष्टि दोष है, जिसमें दूर की वस्तु का प्रतिबिंब दृष्टिपटल के सामने बनता है।
इसे ठीक करने के लिए ऐसा लेंस चाहिए जो किरणों को थोड़ा फैला दे, यानी अवतल लेंस।
यहाँ दूर बिंदु 1.2 m पर है, इसलिए f = −1.2 m और P = 1/(−1.2) ≈ −0.83 D।
लगभग −0.83 डाइऑप्टर क्षमता का अवतल लेंस चाहिए।
उदाहरण 2 (Example 2) — पीछे बैठा विद्यार्थी
अंतिम पंक्ति में बैठे किसी विद्यार्थी को श्यामपट्ट पढ़ने में कठिनाई होती है। वह किस दृष्टि दोष से पीड़ित है?
उसे दूर की वस्तु धुँधली दिखती है, जबकि पास की वस्तु साफ।
यह निकट-दृष्टि दोष का लक्षण है, जिसमें दूर की वस्तु का प्रतिबिंब दृष्टिपटल के सामने बन जाता है।
इसे उचित क्षमता के अवतल लेंस वाले चश्मे से संशोधित किया जा सकता है।
⚠️ आम ग़लती (Common mistake)
निकट-दृष्टि दोष में उत्तल लेंस लगाया जाता है। ❌
उत्तल लेंस किरणों को और पास ले आएगा, जिससे दोष बढ़ जाएगा; यहाँ अवतल लेंस चाहिए।
निकट-दृष्टि दोष में अवतल लेंस लगता है।
खुद जाँचें — 3 छोटे सवाल
पहले विकल्प चुनें। फिर उत्तर और उसका कारण देखें। यह समझ की जाँच है।