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अभ्यास — अध्याय 13 की प्रश्नावली (भाग 2) (Chapter Exercise (Part 2))

4 लघु · 2 दीर्घ

लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer — 2 अंक प्रत्येक)

  1. चुंबकीय क्षेत्र को उत्पन्न करने के दो तरीकों की सूची बनाइए।
    उत्तर देखें (See answer)

    पहला तरीका स्थायी चुंबक है—किसी छड़ चुंबक अथवा नाल चुंबक के चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र होता ही है।

    दूसरा तरीका विद्युत धारा है—किसी सीधे चालक, वृत्ताकार पाश अथवा परिनालिका में धारा प्रवाहित करने पर उसके चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न हो जाता है।

    उत्तर: स्थायी चुंबक तथा विद्युत धारा—इन्हीं दो तरीकों से चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न किया जाता है; दूसरे तरीके से विद्युत चुंबक बनता है।

  2. किसी चुंबकीय क्षेत्र में स्थित विद्युत धारावाही चालक पर आरोपित बल कब अधिकतम होता है?
    उत्तर देखें (See answer)

    यदि धारा की दिशा और चुंबकीय क्षेत्र की दिशा एक ही हो तो चालक पर कोई बल नहीं लगता।

    दोनों के बीच का कोण बढ़ने के साथ बल भी बढ़ता जाता है।

    उत्तर: बल तब अधिकतम होता है जब विद्युत धारा की दिशा चुंबकीय क्षेत्र की दिशा के ठीक लंबवत हो।

  3. मान लीजिए आप किसी चैंबर में अपनी पीठ को किसी एक दीवार से लगाकर बैठे हैं। कोई इलेक्ट्रॉन पुंज आपके पीछे की दीवार से सामने वाली दीवार की ओर क्षैतिजतः गमन करते हुए किसी प्रबल चुंबकीय क्षेत्र द्वारा आपके दाईं ओर विक्षेपित हो जाता है। चुंबकीय क्षेत्र की दिशा क्या है?
    उत्तर देखें (See answer)

    इलेक्ट्रॉन सामने की ओर जा रहे हैं और वे ऋणावेशित हैं, इसलिए विद्युत धारा की दिशा उसकी विपरीत, यानी आपकी ओर होगी।

    बल, यानी विक्षेप की दिशा आपकी दाईं ओर है।

    अब फ्लेमिंग के वामहस्त नियम में मध्यमा अपनी ओर और अँगूठा दाईं ओर रखिए।

    उत्तर: तब तर्जनी ऊर्ध्वाधर नीचे की ओर संकेत करती है, इसलिए चुंबकीय क्षेत्र की दिशा अधोमुखी, यानी ऊर्ध्वाधर नीचे की ओर है।

  4. ऐसी कुछ युक्तियों के नाम लिखिए जिनमें विद्युत मोटर उपयोग किए जाते हैं।
    उत्तर देखें (See answer)

    घरेलू उपयोग की युक्तियाँ—विद्युत पंखा, मिक्सर, वाशिंग मशीन तथा रेफ्रिजरेटर।

    अन्य युक्तियाँ—कंप्यूटर, MP3 प्लेयर तथा विद्युत पंप।

    उत्तर: इन सभी में विद्युत मोटर विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में बदलकर घूर्णन उत्पन्न करती है।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer — 5 अंक प्रत्येक)

  1. परिनालिका चुंबक की भाँति कैसे व्यवहार करती है? क्या आप किसी छड़ चुंबक की सहायता से किसी विद्युत धारावाही परिनालिका के उत्तर ध्रुव तथा दक्षिण ध्रुव का निर्धारण कर सकते हैं?
    उत्तर देखें (See answer)

    धारावाही परिनालिका का क्षेत्र पैटर्न छड़ चुंबक के पैटर्न जैसा ही होता है—एक सिरे से क्षेत्र रेखाएँ बाहर निकलती हैं और दूसरे सिरे में प्रवेश करती हैं।

    जिस सिरे से रेखाएँ बाहर निकलती हैं वह उत्तर ध्रुव और जिसमें प्रवेश करती हैं वह दक्षिण ध्रुव की भाँति व्यवहार करता है—इसी कारण परिनालिका चुंबक जैसी है।

    ध्रुव पहचानने के लिए छड़ चुंबक का ज्ञात उत्तर ध्रुव परिनालिका के किसी सिरे के पास लाइए।

    यदि प्रतिकर्षण हो तो वह सिरा उत्तर ध्रुव है, क्योंकि सजातीय ध्रुव प्रतिकर्षित करते हैं।

    उत्तर: हाँ, छड़ चुंबक से ध्रुवों का निर्धारण किया जा सकता है—आकर्षण होने पर वह सिरा दक्षिण ध्रुव होगा।

  2. विद्युत मोटर का नामांकित आरेख खींचिए। इसका सिद्धांत तथा कार्यविधि स्पष्ट कीजिए। विद्युत मोटर में विभक्त वलय का क्या महत्त्व है?
    उत्तर देखें (See answer)

    आरेख में नाल चुंबक के दो ध्रुवों के बीच आयताकार कुंडली ABCD बनाइए और उसके सिरों को विभक्त वलय तथा ब्रुशों द्वारा बैटरी से जोड़िए।

    सिद्धांत—चुंबकीय क्षेत्र में रखी धारावाही कुंडली की भुजाओं पर बल लगता है; दोनों विपरीत भुजाओं में धारा की दिशाएँ विपरीत होने से बल भी विपरीत लगते हैं और बल-युग्म कुंडली को घुमा देता है।

    कार्यविधि—धारा प्रवाहित करने पर भुजा AB पर एक ओर और भुजा CD पर दूसरी ओर बल लगता है, जिससे कुंडली घूमने लगती है।

    आधा चक्कर पूरा होते ही भुजाओं की स्थिति बदल जाती है और विभक्त वलय कुंडली में धारा की दिशा उलट देता है।

    उत्तर: धारा उलटते ही बलों की दिशा भी उलट जाती है और कुंडली उसी दिशा में घूमती रहती है—यही विभक्त वलय, यानी दिक्परिवर्तक का महत्त्व है।

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