फ्यूज तार को विद्युत परिपथ में श्रेणीक्रम में लगाया जाता है। इसमें कम गलनांक वाला तार होता है।
जब परिपथ में निर्धारित सीमा से अधिक धारा बहती है, तो फ्यूज तार गर्म होकर पिघल जाता है और परिपथ टूट जाता है। इससे उपकरणों तथा तारों को नुकसान से बचाया जाता है।