1. लैंगिक जनन में दो जनकों की आनुवंशिक सामग्री मिलती है, इसलिए संतानों में विविधता उत्पन्न होती है।
2. विविधता के कारण बदलते पर्यावरण में कुछ संतानों के जीवित रहने की संभावना बढ़ती है।
3. उपयोगी विविधताएँ पीढ़ियों में संचित होकर विकास (Evolution) में सहायता करती हैं।
4. प्राकृतिक चयन के लिए अलग-अलग गुण उपलब्ध होते हैं, जिससे प्रजाति लंबे समय तक बनी रह सकती है।
अलैंगिक जनन में संतान सामान्यतः एक ही जनक के बहुत समान होती है और विविधता कम होती है। इसलिए अनुकूलन और विकास की दृष्टि से लैंगिक जनन अधिक लाभकारी है।