बोर्ड परीक्षा में पूछा गया — 2026
किसी समकोण त्रिभुज (Right-angled triangle) में कर्ण (Hypotenuse) का वर्ग बाकी दो भुजाओं के वर्गों के योग के बराबर होता है। कर्ण समकोण के सामने वाली भुजा है।
ΔABC में ∠A = 90° है। समकोण के सामने वाली भुजा BC कर्ण है।
AB² + AC² = BC²।
A से BC पर लंब (Perpendicular) AD खींचें। D, B और C के बीच है। इससे बड़ा त्रिभुज दो छोटे समकोण त्रिभुजों ABD और ACD में बँटता है।
दोनों छोटे त्रिभुजों को बड़े त्रिभुज से समरूप (Similar) दिखाएँगे। इससे AB² और AC² को कर्ण के हिस्सों से जोड़ने वाले दो संबंध मिलेंगे; अंत में उन्हें जोड़ेंगे।
ΔABD और बड़े ΔCBA में ∠ADB = ∠CAB = 90°। ∠ABD = ∠CBA भी है, क्योंकि BD और BC एक ही दिशा में हैं। दो कोण बराबर होने से AA कसौटी द्वारा ΔABD ∼ ΔCBA। संगत (Corresponding) भुजाएँ AB ↔ CB और BD ↔ BA हैं।
इसलिए AB/CB = BD/BA। दोनों ओर CB × BA से गुणा करें: AB² = BC × BD।
ΔACD और बड़े ΔBCA में ∠ADC = ∠BAC = 90° तथा ∠ACD = ∠BCA। यहाँ CD और CB एक ही दिशा में हैं। इसलिए AA से ΔACD ∼ ΔBCA।
संगत भुजाओं (Corresponding sides) से AC/BC = CD/CA। दोनों ओर BC × CA से गुणा करें: AC² = BC × CD।
AB² + AC² = BC × BD + BC × CD।
दोनों पदों में BC साझा है: AB² + AC² = BC × (BD + CD)। चित्र में BD और DC मिलकर पूरी भुजा BC बनाते हैं। इसलिए BD + CD = BC।
AB² + AC² = BC²। अतः पाइथागोरस प्रमेय (Pythagoras’ theorem) सिद्ध हुआ।
पाइथागोरस प्रमेय: समकोण त्रिभुज में कर्ण² = आधार² + लंब²। अज्ञात भुजा के वर्ग को अलग करके धनात्मक वर्गमूल लें।