कभी-कभी सवाल में sin और cos एक ही समीकरण में, अलग-अलग कोणों के साथ दिए होते हैं — जैसे sin(2A) = cos(3A)।
यह तभी सच हो सकता है जब दोनों कोण आपस में पूरक हों, यानी उनका योग 90° हो।
पूरक कोणों से कोण ज्ञात करना — नियम समझकर हल और उसकी जाँच करना।
दो न्यून कोणों का योग 90° हो तो एक की सम्मुख भुजा दूसरे की संलग्न बनती है। इसलिए sin A = cos(90° − A)।
sin(90°−A)=cosA, cos(90°−A)=sinA और tan(90°−A)=cotA।
90° − A = A
90° = 2A, इसलिए A = 45°
A = 45°
पूरक कोणों का योग 90° है, 180° नहीं।
दो न्यून कोणों का योग 90° हो तो एक की सम्मुख भुजा दूसरे की संलग्न बनती है। इसलिए sin A = cos(90° − A)।
sin(90°−A)=cosA, cos(90°−A)=sinA और tan(90°−A)=cotA।
90° − 2A = 3A
90° = 5A, इसलिए A = 18°
A = 18°
पूरक कोणों का योग 90° है, 180° नहीं।
पहले विकल्प चुनें। फिर उत्तर और उसका कारण देखें। यह समझ की जाँच है।