← अध्ययन

भर्जन, निस्तापन और अपचयन (Roasting, Calcination and Reduction)

🔊 पूरा पाठ शिक्षक की तरह सुनें (AI Voice)
पाठ देखते हुए सुनें। लाल पट्टी पर टैप करें या खींचकर आगे-पीछे जाएँ।
0:00--:--
आज क्या सीखेंगे

अयस्क से धातु निकालने के चरण क्रम से बताना और सही विधि चुनना।

📖 उदाहरण से समझें (Learn with an Example)
जिंक का अयस्क कभी सल्फाइड होता है तो कभी कार्बोनेट। पर दोनों को सीधे धातु में बदलना कठिन है।
इसलिए पहले दोनों को ऑक्साइड में बदला जाता है—क्योंकि ऑक्साइड से धातु निकालना सबसे आसान है।
🧠 समझिए (Understand)
सक्रियता श्रेणी में सबसे नीचे की धातुएँ इतनी कम क्रियाशील हैं कि उनके ऑक्साइड केवल गर्म करने से ही धातु में बदल जाते हैं। जैसे सिनेबार (HgS) को हवा में गर्म करने पर पहले HgO बनता है, जो आगे गर्म करने पर पारा दे देता है।
मध्यम क्रियाशील धातुएँ प्रायः सल्फाइड या कार्बोनेट के रूप में मिलती हैं। अपचयन से पहले इन्हें ऑक्साइड में बदलना पड़ता है।
सल्फाइड अयस्क को अधिक वायु की उपस्थिति में तेज़ गर्म करके ऑक्साइड में बदलना भर्जन (Roasting) कहलाता है।
कार्बोनेट अयस्क को सीमित वायु में तेज़ गर्म करके ऑक्साइड में बदलना निस्तापन (Calcination) कहलाता है।
इसके बाद धातु ऑक्साइड को कार्बन (कोक) जैसे उपयुक्त अपचायक से अपचयित करके धातु प्राप्त की जाती है। अयस्क से धातु पाना भी एक अपचयन प्रक्रिया ही है।
कभी-कभी विस्थापन अभिक्रियाएँ भी काम आती हैं। सोडियम, कैल्सियम और ऐलुमिनियम जैसी अत्यधिक क्रियाशील धातुएँ अपचायक के रूप में प्रयोग होती हैं। ये अभिक्रियाएँ इतनी ऊष्माक्षेपी होती हैं कि धातु गलित अवस्था में निकलती है।
श्रेणी में सबसे ऊपर की धातुएँ कार्बन से अपचयित नहीं हो सकतीं, क्योंकि उनकी ऑक्सीजन के प्रति बंधुता कार्बन से अधिक है। इन्हें विद्युत अपघटनी अपचयन से प्राप्त किया जाता है—धातु कैथोड पर और क्लोरीन ऐनोड पर मिलती है।
सक्रियता के अनुसार निष्कर्षण विधिसांद्रित अयस्कअधिक सक्रियK से Alगलित लवण काविद्युत अपघटनमध्यम सक्रियZn, Fe, Pbभर्जन/निस्तापनफिर C सेअपचयनकम सक्रियCu से Auगर्म करना यास्वतंत्र अवस्थाअंत में प्राप्त धातु का परिष्करण किया जाता है।
धातु की सक्रियता तय करती है कि उसे गर्म करके, कार्बन से अपचयित करके या विद्युत अपघटन से निकाला जाएगा।
सूत्र (Formula)
भर्जन: 2ZnS + 3O₂ → 2ZnO + 2SO₂; निस्तापन: ZnCO₃ → ZnO + CO₂
✍️ कैसे करें (How to solve)
  1. पहले धातु की जगह सक्रियता श्रेणी में देखिए।
  2. नीचे की हो तो केवल गर्म करना; मध्य की हो तो भर्जन या निस्तापन के बाद कार्बन से अपचयन; ऊपर की हो तो विद्युत अपघटनी अपचयन।
  3. अयस्क सल्फाइड है या कार्बोनेट, इससे भर्जन और निस्तापन में से सही शब्द चुनिए।
  4. हर चरण का समीकरण लिखिए।
उदाहरण 1 (Example 1) — जिंक के दो अयस्कों से जिंक
एक बार ZnS से और एक बार ZnCO₃ से जिंक निकालना है।
भर्जन: 2ZnS(s) + 3O₂(g) →(ऊष्मा) 2ZnO(s) + 2SO₂(g)
निस्तापन: ZnCO₃(s) →(ऊष्मा) ZnO(s) + CO₂(g)
अपचयन: ZnO(s) + C(s) → Zn(s) + CO(g)
दोनों रास्ते पहले ZnO पर मिलते हैं, फिर कार्बन से अपचयन होता है।
उदाहरण 2 (Example 2) — थर्मिट अभिक्रिया
रेल की टूटी पटरी जोड़ने के लिए आयरन(III) ऑक्साइड और ऐलुमिनियम चूर्ण का मिश्रण जलाया जाता है।
ऐलुमिनियम श्रेणी में लोहे से ऊपर है, इसलिए वह लोहे को उसके ऑक्साइड से विस्थापित कर देगा।
Fe₂O₃(s) + 2Al(s) → 2Fe(l) + Al₂O₃(s) + ऊष्मा
इतनी अधिक ऊष्मा निकलती है कि लोहा पिघली हुई अवस्था में मिलता है, जिससे पटरी का जोड़ भर जाता है।
यही थर्मिट अभिक्रिया (Thermit reaction) है।
⚠️ आम ग़लती (Common mistake)
भर्जन और निस्तापन एक ही प्रक्रिया है। ❌
भर्जन सल्फाइड अयस्क का होता है, अधिक वायु में।
निस्तापन कार्बोनेट अयस्क का होता है, सीमित वायु में।
सल्फाइड → भर्जन; कार्बोनेट → निस्तापन।

खुद जाँचें — 3 छोटे सवाल

पहले विकल्प चुनें। फिर उत्तर और उसका कारण देखें। यह समझ की जाँच है।

सवाल 1

सल्फाइड अयस्क को अधिक वायु में गर्म करने की प्रक्रिया क्या कहलाती है?

सवाल 2

ZnCO₃ को गर्म करके ZnO बनाना किस प्रक्रिया का उदाहरण है?

सवाल 3

सोडियम और ऐलुमिनियम किस विधि से प्राप्त किए जाते हैं?
अगला विषय (Next topic): धातुओं का विद्युत अपघटनी परिष्करण →← पिछला विषय (Previous topic): खनिज, अयस्क और गैंग