कार्बन के बाहरी कोश में चार और ऑक्सीजन के बाहरी कोश में छह इलेक्ट्रॉन होते हैं।
कार्बन दोनों ओर की एक-एक ऑक्सीजन के साथ दो-दो इलेक्ट्रॉन साझा करता है, जिससे दोनों ओर द्वि-आबंध बनता है।
उत्तर: संरचना O=C=O है। कार्बन के चारों इलेक्ट्रॉन साझेदारी में लगते हैं और प्रत्येक ऑक्सीजन दो इलेक्ट्रॉन साझा करके अष्टक पूरा कर लेती है।
सल्फर के बाहरी कोश में छह इलेक्ट्रॉन होते हैं, इसलिए अष्टक पूरा करने के लिए उसे दो और चाहिए।
आठों परमाणु एक अँगूठी (वलय) के रूप में जुड़ते हैं और प्रत्येक परमाणु अपने दोनों पड़ोसियों के साथ एक-एक इलेक्ट्रॉन युग्म साझा करता है।
उत्तर: S₈ एक आठ-सदस्यीय वलय है जिसमें प्रत्येक सल्फर परमाणु दो एकल सहसंयोजी आबंध बनाता है और उसके पास दो एकाकी युग्म बचे रहते हैं।
कार्बन के बाहरी कोश में चार इलेक्ट्रॉन होते हैं, इसलिए उसे या तो चार लेने होंगे या चार देने होंगे।
चार इलेक्ट्रॉन लेकर C⁴⁻ बनाने पर छह प्रोटॉन वाले नाभिक को दस इलेक्ट्रॉन सँभालने होंगे, जो कठिन है।
चार इलेक्ट्रॉन खोकर C⁴⁺ बनाने के लिए बहुत अधिक ऊर्जा चाहिए।
उत्तर: दोनों रास्ते कठिन होने के कारण कार्बन साझेदारी का रास्ता चुनता है और सहसंयोजी आबंध बनाता है।
हीरे में प्रत्येक कार्बन परमाणु चार अन्य कार्बन परमाणुओं से जुड़कर दृढ़ त्रिआयामी संरचना बनाता है।
ग्रेफाइट में प्रत्येक कार्बन एक ही तल पर तीन अन्य कार्बन से जुड़ता है और ये तल एक-दूसरे पर फिसल सकते हैं।
उत्तर: परमाणुओं के जुड़ने का तरीका अलग होने से भौतिक गुण अलग हो जाते हैं, जबकि रासायनिक गुण समान रहते हैं। इसीलिए ये अपररूप कहलाते हैं।