📖 उदाहरण से समझें (Learn with an Example)एथेन का सूत्र C₂H₆ है, एथीन का C₂H₄ और एथाइन का C₂H₂। तीनों में दो ही कार्बन हैं, पर हाइड्रोजन घटते जाते हैं।
घटते हाइड्रोजन का मतलब है कि कार्बन अपनी बची संयोजकता आपस में ही पूरी कर रहे हैं।
🧠 समझिए (Understand)जिन यौगिकों में कार्बन परमाणु केवल एकल आबंध से जुड़े हों, वे संतृप्त यौगिक (Saturated compounds) कहलाते हैं। सामान्यतः ये अधिक क्रियाशील नहीं होते।
जिनमें कार्बन परमाणुओं के बीच द्वि या त्रि-आबंध हो, वे असंतृप्त यौगिक (Unsaturated compounds) कहलाते हैं और संतृप्त की तुलना में अधिक क्रियाशील होते हैं।
एथेन में C−C एकल आबंध है और हर कार्बन तीन हाइड्रोजन से जुड़ा है, इसलिए यह संतृप्त है।
एथीन में हर कार्बन पर दो हाइड्रोजन होने के बाद एक संयोजकता बची रह जाती है; उसे दोनों कार्बन के बीच द्वि-आबंध बनाकर पूरा किया जाता है।
एथाइन में हर कार्बन पर केवल एक हाइड्रोजन है, इसलिए संयोजकता पूरी करने के लिए त्रि-आबंध बनता है।
उदाहरण 1 (Example 1) — एथीन की संरचना बनानाC₂H₄ की संरचना चरणबद्ध तरीके से बनाइए।
पहले दोनों कार्बन को एकल आबंध से जोड़िए: C−C।
हर कार्बन पर दो हाइड्रोजन लगाइए; अब हर कार्बन की एक संयोजकता बची है।
दोनों कार्बन के बीच द्वि-आबंध बनाने पर सभी संयोजकताएँ पूरी हो जाती हैं।
H₂C=CH₂, यानी एथीन—एक असंतृप्त यौगिक।
उदाहरण 2 (Example 2) — संतृप्त और असंतृप्त की क्रियाशीलतादोनों में से कौन अधिक आसानी से अभिक्रिया करता है?
संतृप्त यौगिकों में सभी संयोजकताएँ पहले से संतुष्ट हैं, इसलिए वे अधिक क्रियाशील नहीं होते।
असंतृप्त यौगिकों का द्वि या त्रि-आबंध टूटकर नए परमाणु जोड़ सकता है, इसलिए वे अधिक क्रियाशील होते हैं।
असंतृप्त यौगिक संकलन अभिक्रिया देते हैं, संतृप्त नहीं।
⚠️ आम ग़लती (Common mistake)संतृप्त यौगिक अधिक क्रियाशील होते हैं। ❌
उल्टा है—असंतृप्त यौगिक अधिक क्रियाशील होते हैं, क्योंकि उनका बहु-आबंध टूटकर नए परमाणु जोड़ लेता है।
असंतृप्त > संतृप्त, क्रियाशीलता में।