📖 उदाहरण से समझें (Learn with an Example)संतृप्त हाइड्रोकार्बन अधिकांश अभिकर्मकों की उपस्थिति में कुछ नहीं करते—वे बहुत अनभिक्रिय होते हैं।
पर सूर्य के प्रकाश में क्लोरीन के साथ रखिए, तो अति तीव्र अभिक्रिया हो जाती है।
🧠 समझिए (Understand)संतृप्त हाइड्रोकार्बन अत्यधिक अनभिक्रित होते हैं तथा अधिकांश अभिकर्मकों की उपस्थिति में अक्रिय रहते हैं।
सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में क्लोरीन हाइड्रोकार्बन में संकलित नहीं होती, बल्कि एक-एक करके हाइड्रोजन परमाणुओं का प्रतिस्थापन करती है।
इसे प्रतिस्थापन अभिक्रिया (Substitution reaction) कहते हैं, क्योंकि एक प्रकार का परमाणु या परमाणुओं का समूह दूसरे का स्थान ले लेता है।
उच्च समजातीय ऐल्केन के साथ सामान्यतः अनेक उत्पादों का निर्माण होता है।
उदाहरण 1 (Example 1) — मेथेन और क्लोरीनसूर्य के प्रकाश में मेथेन पर क्लोरीन की क्रिया।
मेथेन संतृप्त है, इसलिए क्लोरीन जुड़ेगी नहीं, बल्कि एक हाइड्रोजन की जगह लेगी।
हटा हुआ हाइड्रोजन क्लोरीन के दूसरे परमाणु से मिलकर HCl बना लेता है।
CH₄ + Cl₂ → CH₃Cl + HCl
उदाहरण 2 (Example 2) — संकलन और प्रतिस्थापन में अंतरदोनों में बुनियादी फर्क क्या है?
संकलन में बहु-आबंध टूटता है और नए परमाणु जुड़ जाते हैं; कुछ हटता नहीं।
प्रतिस्थापन में कोई आबंध टूटकर एक परमाणु बाहर निकलता है और उसकी जगह दूसरा आ जाता है।
असंतृप्त यौगिक संकलन और संतृप्त यौगिक प्रतिस्थापन देते हैं।
⚠️ आम ग़लती (Common mistake)मेथेन और क्लोरीन की अभिक्रिया संकलन है। ❌
मेथेन संतृप्त है, उसमें जोड़ने की जगह ही नहीं; क्लोरीन हाइड्रोजन का स्थान लेती है।
यह प्रतिस्थापन अभिक्रिया है।