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पादप में उत्सर्जन

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आज क्या सीखेंगे

पादपों की उत्सर्जन की विधियाँ गिनाना और जंतुओं से अंतर करना।

📖 उदाहरण से समझें (Learn with an Example)
पौधों के पास न वृक्क है, न मूत्राशय। फिर वे अपने अपशिष्ट कहाँ डालते हैं?
उत्तर दिलचस्प है—वे अपशिष्ट को या तो भीतर ही जमा कर लेते हैं या धीरे-धीरे बाहर छोड़ देते हैं।
🧠 समझिए (Understand)
पादप उत्सर्जन के लिए जंतुओं से बिलकुल भिन्न युक्तियाँ प्रयुक्त करते हैं।
प्रकाशसंश्लेषण में बनी ऑक्सीजन भी एक अपशिष्ट उत्पाद कही जा सकती है।
अतिरिक्त जल से वे वाष्पोत्सर्जन द्वारा छुटकारा पा लेते हैं।
पादपों में बहुत से ऊतक मृत कोशिकाओं के बने होते हैं और वे अपने कुछ भागों, जैसे पत्तियों, का क्षय भी कर सकते हैं।
बहुत से अपशिष्ट उत्पाद कोशिकीय रिक्तिका में संचित रहते हैं। गिरने वाली पत्तियों में भी अपशिष्ट संचित रहते हैं।
अन्य अपशिष्ट रेजिन तथा गोंद के रूप में विशेष रूप से पुराने जाइलम में संचित रहते हैं।
पादप कुछ अपशिष्ट पदार्थों को अपने आसपास की मृदा में भी उत्सर्जित कर देते हैं।
✍️ कैसे करें (How to solve)
  1. पहले पूछिए अपशिष्ट गैस है, जल है या ठोस।
  2. गैस हो तो रंध्र, जल हो तो वाष्पोत्सर्जन।
  3. ठोस हो तो रिक्तिका, गोंद-रेजिन, गिरती पत्तियाँ या मृदा में उत्सर्जन लिखिए।
उदाहरण 1 (Example 1) — पादप की चार युक्तियाँ
उत्सर्जी उत्पाद से छुटकारा पाने के लिए पादप किन विधियों का उपयोग करते हैं?
बहुत से अपशिष्ट कोशिकीय रिक्तिका में संचित कर लिए जाते हैं।
कुछ अपशिष्ट गोंद और रेजिन के रूप में पुराने जाइलम में जमा रहते हैं।
गिरने वाली पत्तियों में भी अपशिष्ट संचित रहते हैं और पत्ती गिरने के साथ वे भी निकल जाते हैं।
कुछ अपशिष्ट पादप अपने आसपास की मृदा में उत्सर्जित कर देते हैं।
रिक्तिका, गोंद-रेजिन, गिरती पत्तियाँ और मृदा—ये चार मुख्य विधियाँ हैं।
उदाहरण 2 (Example 2) — जंतु और पादप के उत्सर्जन में अंतर
दोनों के तरीके इतने अलग क्यों हैं?
जंतु गतिशील होते हैं और उनका उपापचय तेज़ है, इसलिए उन्हें अपशिष्ट तुरंत बाहर करना पड़ता है और उसके लिए विशेष अंग विकसित हुए हैं।
पादप स्थिर रहते हैं और उनका उपापचय धीमा है, इसलिए वे अपशिष्ट को भीतर संचित भी कर सकते हैं।
इसीलिए पादपों में वृक्क जैसा कोई विशेष उत्सर्जी अंग नहीं होता।
⚠️ आम ग़लती (Common mistake)
पादपों में भी वृक्क जैसा कोई उत्सर्जी अंग होता है। ❌
पादपों में कोई विशेष उत्सर्जी अंग नहीं होता; वे संचयन और धीमे निष्कासन से काम चला लेते हैं।
पादप रिक्तिका, गोंद-रेजिन, पत्तियों और मृदा के रास्ते अपशिष्ट निकालते हैं।

खुद जाँचें — 3 छोटे सवाल

पहले विकल्प चुनें। फिर उत्तर और उसका कारण देखें। यह समझ की जाँच है।

सवाल 1

पादपों में अतिरिक्त जल किस क्रिया द्वारा बाहर निकलता है?

सवाल 2

पादपों में गोंद तथा रेजिन किस भाग में संचित रहते हैं?

सवाल 3

पादपों में अधिकांश अपशिष्ट उत्पाद कहाँ संचित रहते हैं?
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