📖 उदाहरण से समझें (Learn with an Example)तंत्रिका तंत्र संदेश भेजने के लिए विद्युत आवेग का उपयोग करता है।
पर यह विद्युत आवेग एक कोशिका से दूसरी तक सीधे नहीं कूद सकता—बीच में एक खाली जगह होती है।
🧠 समझिए (Understand)तंत्रिका तंत्र की इकाई तंत्रिका कोशिका या न्यूरॉन (Neuron) है।
सूचना द्रुमिका (Dendrite) के सिरे पर ग्रहण की जाती है, फिर वह कोशिकाकाय तक और वहाँ से एक्सॉन (Axon) के सिरे तक विद्युत आवेग के रूप में पहुँचती है।
एक्सॉन के अंत में यह विद्युत आवेग कुछ रसायनों का स्रावण करता है।
दो तंत्रिका कोशिकाओं के बीच के खाली स्थान को सिनेप्स (Synapse) कहते हैं। वहाँ ये रसायन खाली स्थान पार करके अगली कोशिका की द्रुमिका में वैसा ही विद्युत आवेग शुरू कर देते हैं।
ऐसा ही सिनेप्स अंत में तंत्रिका कोशिका और पेशी कोशिका के बीच भी होता है, जिससे पेशी को क्रिया का आदेश मिलता है।
तंत्रिका तंत्र हमारी ज्ञानेंद्रियों द्वारा सूचना प्राप्त करता है और हमारी पेशियों द्वारा क्रिया करता है।
उदाहरण 1 (Example 1) — सिनेप्स पर क्या होता हैदो न्यूरॉन के बीच संदेश कैसे जाता है?
पहली कोशिका के एक्सॉन के सिरे तक संदेश विद्युत आवेग के रूप में आता है।
वहाँ वह आवेग कुछ रसायनों का स्रावण करता है, जो सिनेप्स के खाली स्थान को पार कर जाते हैं।
अगली कोशिका की द्रुमिका पर पहुँचकर ये रसायन फिर से एक विद्युत आवेग शुरू कर देते हैं।
सिनेप्स पर संदेश विद्युत से रासायनिक और फिर रासायनिक से विद्युत रूप में बदलता है।
उदाहरण 2 (Example 2) — अगरबत्ती की गंध का पताहम गंध कैसे पहचानते हैं?
नाक में घ्राण ग्राही होते हैं, जो गंध के अणुओं को पहचानते हैं।
वहाँ से सूचना विद्युत आवेग के रूप में संवेदी तंत्रिका द्वारा अग्रमस्तिष्क तक जाती है।
अग्रमस्तिष्क में गंध के लिए अलग केंद्र होता है, जो इस सूचना की व्याख्या करता है।
ग्राही से मस्तिष्क तक का यही रास्ता हमें गंध का अनुभव कराता है।
⚠️ आम ग़लती (Common mistake)विद्युत आवेग सिनेप्स को सीधे पार कर जाता है। ❌
सिनेप्स पर खाली स्थान होता है; वहाँ संदेश रसायनों के रूप में पार होता है।
सिनेप्स पर विद्युत आवेग रासायनिक संकेत में बदल जाता है।