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अभ्यास — अध्याय 8 की प्रश्नावली (भाग 2) (Chapter Exercise (Part 2))

3 लघु · 2 दीर्घ

लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer — 2 अंक प्रत्येक)

  1. एककोशिक एवं बहुकोशिक जीवों की जनन पद्धति में क्या अंतर है?
    उत्तर देखें (See answer)

    एककोशिक जीवों में पूरा शरीर एक ही कोशिका का होता है, इसलिए वही कोशिका विभाजित होकर नए जीव बना देती है—जैसे अमीबा में द्विखंडन और प्लैज्मोडियम में बहुखंडन।

    बहुकोशिक जीवों में शरीर अनेक कोशिकाओं, ऊतकों और अंगों से बना होता है, इसलिए कोई भी कोशिका अकेले नया जीव नहीं बना सकती।

    सरल बहुकोशिक जीव खंडन, पुनरुद्भवन, मुकुलन या बीजाणु से जनन करते हैं, जबकि जटिल जीवों में विशेष जनन कोशिकाएँ और जनन अंग होते हैं।

    उत्तर: अंतर यही है कि एककोशिक जीवों में जनन कोशिका विभाजन मात्र है, जबकि बहुकोशिक जीवों में इसके लिए अलग संरचनाएँ या विशेष जनन अंग चाहिए।

  2. जनन किसी स्पीशीज़ द्वारा समष्टि के स्थायित्व में किस प्रकार सहायक है?
    उत्तर देखें (See answer)

    हर जीव की एक निश्चित आयु होती है; जनन से नई संतति जुड़ती रहती है और समष्टि का आकार बना रहता है।

    जनन में डी.एन.ए. की प्रतिकृति बनती है, इसलिए स्पीशीज़ के लक्षण पीढ़ी-दर-पीढ़ी सुरक्षित रहते हैं।

    प्रतिकृति पूर्णतः सटीक न होने से विभिन्नताएँ भी आती हैं, जो पर्यावरण बदलने पर कुछ व्यष्टियों को बचा लेती हैं।

    उत्तर: संख्या बनाए रखना और विभिन्नता देना—इन दोनों से जनन समष्टि को स्थायित्व देता है।

  3. गर्भनिरोधन की युक्तियों को अपनाने के क्या कारण हो सकते हैं?
    उत्तर देखें (See answer)

    बार-बार गर्भधारण से माँ के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है, इसलिए दो बच्चों के बीच पर्याप्त अंतर रखना जरूरी है।

    परिवार का आकार नियोजित रखने से हर बच्चे को बेहतर पोषण, शिक्षा और देखभाल मिल पाती है।

    कंडोम जैसी युक्तियाँ यौन संचारित रोगों से भी बचाव करती हैं।

    उत्तर: माँ का स्वास्थ्य, परिवार नियोजन, रोगों से बचाव और बढ़ती जनसंख्या पर नियंत्रण—ये मुख्य कारण हैं, क्योंकि जनसंख्या बहुत बढ़ जाने पर जीवन स्तर सुधारना कठिन हो जाता है।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer — 5 अंक प्रत्येक)

  1. पुष्प की अनुदैर्घ्य काट का नामांकित चित्र बनाइए।
    उत्तर देखें (See answer)

    सबसे बाहर हरे बाह्यदल बनाइए, उनके भीतर रंगीन दल, और बीच में जनन भाग।

    नर भाग पुंकेसर है, जिसमें नीचे पतला तंतु और ऊपर परागकोश होता है; परागकोश में परागकण बनते हैं।

    बीच में मादा भाग स्त्रीकेसर है—सबसे ऊपर वर्तिकाग्र, उसके नीचे वर्तिका और सबसे नीचे फूला हुआ अंडाशय।

    अंडाशय को काटकर दिखाइए, जिससे उसके भीतर के बीजांड नामांकित हो सकें।

    उत्तर: नामांकन इस क्रम में कीजिए—बाह्यदल, दल, तंतु, परागकोश, वर्तिकाग्र, वर्तिका, अंडाशय और बीजांड। अध्याय के 'पुष्पी पौधों में लैंगिक जनन' वाले चित्र को देखकर बनाइए।

  2. गर्भनिरोधन की विभिन्न विधियाँ कौन-कौन सी हैं?
    उत्तर देखें (See answer)

    यांत्रिक अवरोध—कंडोम जैसी युक्तियाँ शुक्राणु को अंड तक पहुँचने से रोक देती हैं। कंडोम यौन संचारित रोगों से भी बचाव करता है।

    रासायनिक विधि—गर्भनिरोधी गोलियाँ शरीर का हॉर्मोन संतुलन बदल देती हैं, जिससे अंड ही नहीं निकलता। इनके कुछ दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं।

    गर्भाशय में लगाई जाने वाली युक्तियाँ—कॉपर-टी जैसी युक्तियाँ गर्भधारण रोकती हैं, पर यौन संचारित रोगों से रक्षा नहीं करतीं।

    शल्य क्रिया—पुरुष की शुक्रवाहिका अथवा स्त्री की डिंबवाहिनी अवरुद्ध कर दी जाती है, जिससे युग्मक आगे नहीं जा पाते।

    उत्तर: यांत्रिक अवरोध, रासायनिक गोलियाँ, गर्भाशय में लगाई जाने वाली युक्तियाँ और शल्य क्रिया—ये चार मुख्य विधियाँ हैं।

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