भूमिका (Background)बच्चा अपने माता-पिता जैसा दिखता है, फिर भी हूबहू वैसा नहीं होता। किसी की कर्णपालि जुड़ी होती है और किसी की स्वतंत्र। ये छोटे-छोटे अंतर कहाँ से आते हैं, और लाखों वर्षों में यही अंतर नई स्पीशीज़ कैसे बना देते हैं? इस अध्याय में हम पहले देखेंगे कि विभिन्नताएँ कैसे संचित होती हैं, फिर मेंडल के मटर के प्रयोगों से वंशागति के नियम समझेंगे, लिंग निर्धारण देखेंगे, और उसके बाद जैव विकास—प्राकृतिक चयन, जाति उद्भव, समजात अंग, जीवाश्म तथा मानव विकास तक पहुँचेंगे। हर तकनीकी शब्द के साथ जरूरी अंग्रेज़ी शब्द भी कोष्ठक में दिया गया है।