समजात अंगों की आधारभूत संरचना की तुलना की जाती है—जैसे मानव का हाथ, छिपकली का अग्रपाद और चमगादड़ का पंख, जिनकी हड्डियों की बनावट एक जैसी है।
इसी प्रकार जीवाश्मों की संरचना और डी.एन.ए. की तुलना से भी संबंध निर्धारित किए जाते हैं।
उत्तर: समजात अंगों की आधारभूत संरचना ऐसा ही एक अभिलक्षण है, जो समान पूर्वज होने का संकेत देता है।
दोनों के पंखों का कार्य एक ही है—उड़ना।
पर चमगादड़ का पंख उसकी लंबी अँगुलियों के बीच फैली त्वचा से बना है और उसमें कशेरुकी जैसी अस्थियाँ हैं, जबकि तितली एक कीट है और उसके पंख में ऐसी कोई अस्थि नहीं।
समजात कहने के लिए आधारभूत संरचना और उत्पत्ति एक जैसी होनी चाहिए, जो यहाँ नहीं है।
उत्तर: नहीं, ये समजात नहीं बल्कि समरूप अंग हैं, क्योंकि केवल कार्य समान है, संरचना और उत्पत्ति नहीं।
जीवाश्म उन जीवों के परिरक्षित अवशेष अथवा छाप हैं जो अब जीवित नहीं हैं; वे तब बनते हैं जब मृत शरीर मिट्टी में दबकर अपघटित होने से बच जाता है।
वे बताते हैं कि अतीत में कौन-सी स्पीशीज़ पृथ्वी पर थीं और उनकी संरचना कैसी थी।
गहराई तथा रेडियोऐक्टिव विधि से उनका समय जानकर यह जाना जा सकता है कि कौन-सी स्पीशीज़ पहले आई और कौन बाद में।
उत्तर: इस प्रकार जीवाश्म दर्शाते हैं कि जीवन सरल रूपों से जटिल रूपों की ओर क्रमशः विकसित हुआ है और वर्तमान स्पीशीज़ का अतीत की स्पीशीज़ से संबंध है।