फिर उनके युग्मक निकालिए और वर्ग बनाकर सभी संयोग लिखिए।
अंत में प्रभावी-अप्रभावी के नियम से दृश्य लक्षण गिनिए।
उदाहरण 1 (Example 1) — प्रभावी और अप्रभावी कैसे पता चला
मेंडल के प्रयोगों द्वारा कैसे पता चला कि लक्षण प्रभावी अथवा अप्रभावी होते हैं?
लंबे और बौने पौधों के संकरण से बनी F₁ पीढ़ी के सारे पौधे लंबे थे—बौनापन कहीं दिखाई नहीं दिया।
यदि दोनों लक्षण बराबर होते तो F₁ में मध्यम ऊँचाई के पौधे मिलते, पर ऐसा नहीं हुआ।
F₂ पीढ़ी में बौने पौधे फिर प्रकट हो गए, यानी वह लक्षण नष्ट नहीं हुआ था, केवल दबा हुआ था।
इसी से सिद्ध हुआ कि लंबाई प्रभावी लक्षण है और बौनापन अप्रभावी।
उदाहरण 2 (Example 2) — रुधिर वर्ग का प्रश्न
'A' रुधिर वर्ग वाला पुरुष 'O' रुधिर वर्ग वाली स्त्री से विवाह करता है और उनकी पुत्री का रुधिर वर्ग 'O' है। क्या इससे पता चलता है कि कौन-सा लक्षण प्रभावी है?
पुत्री का रुधिर वर्ग O है, इसलिए उसे माता और पिता दोनों से O वाला विकल्प मिला होगा।
इसका अर्थ है कि पिता का जीनप्ररूप AO रहा होगा, यानी उसमें A और O दोनों विकल्प थे पर दिखा केवल A।
यह एक पीढ़ी की जानकारी है; यह नहीं बताती कि माता-पिता की संतानों में कौन-सा वर्ग अधिक मिलता है।
यह सूचना अकेली पर्याप्त नहीं है, पर इतना संकेत जरूर देती है कि A प्रभावी और O अप्रभावी लक्षण है।
⚠️ आम ग़लती (Common mistake)
F₁ में अप्रभावी लक्षण नष्ट हो जाता है। ❌
वह केवल व्यक्त नहीं होता; F₂ में 1/4 पौधों में वह फिर से दिखाई देता है।
अप्रभावी लक्षण छिपा रहता है, नष्ट नहीं होता।
खुद जाँचें — 3 छोटे सवाल
पहले विकल्प चुनें। फिर उत्तर और उसका कारण देखें। यह समझ की जाँच है।