📖 उदाहरण से समझें (Learn with an Example)मेंडल ने इस बार एक नहीं, दो लक्षण एक साथ देखे—बीज की आकृति और बीज का रंग।
F₂ पीढ़ी में ऐसे पौधे भी निकले जो किसी भी जनक जैसे नहीं थे। यही सबसे बड़ा सुराग था।
🧠 समझिए (Understand)गोल तथा हरे बीज वाले पौधों (RR yy) का संकरण झुर्रीदार तथा पीले बीज वाले पौधों (rr YY) से कराया गया।
F₁ पीढ़ी के सभी पौधे गोल और पीले बीज वाले थे, इसलिए गोल आकृति तथा पीला रंग प्रभावी लक्षण हैं।
F₂ पीढ़ी में चार प्रकार के पौधे मिले—गोल पीले, गोल हरे, झुर्रीदार पीले और झुर्रीदार हरे—लगभग 9 : 3 : 3 : 1 के अनुपात में।
गोल-हरे तथा झुर्रीदार-पीले संयोग किसी भी जनक में नहीं थे; ये नए संयोग हैं।
नए संयोग तभी बन सकते हैं जब आकृति का लक्षण और रंग का लक्षण एक-दूसरे से स्वतंत्र रूप से संतति में जाएँ।
इसी से मेंडल ने सिद्ध किया कि विभिन्न लक्षण स्वतंत्र रूप से वंशानुगत होते हैं।
उदाहरण 1 (Example 1) — स्वतंत्र वंशागति कैसे सिद्ध हुईमेंडल के प्रयोगों से कैसे पता चला कि विभिन्न लक्षण स्वतंत्र रूप से वंशानुगत होते हैं?
जनक पौधे दो ही प्रकार के थे—गोल-हरे और झुर्रीदार-पीले।
F₂ पीढ़ी में गोल-पीले तथा झुर्रीदार-हरे पौधे भी मिले, जो किसी जनक जैसे नहीं थे।
यदि आकृति और रंग साथ-साथ ही जाते, तो ये नए संयोग बन ही नहीं सकते थे।
नए संयोगों का मिलना ही प्रमाण है कि दोनों लक्षण एक-दूसरे से स्वतंत्र रूप से वंशानुगत होते हैं।
⚠️ आम ग़लती (Common mistake)एक साथ दिखने वाले दो लक्षण सदा साथ ही वंशानुगत होते हैं। ❌
द्विसंकर क्रॉस में नए संयोग मिलते हैं, जो यही दिखाते हैं कि दोनों लक्षण अलग-अलग जाते हैं।
विभिन्न लक्षण स्वतंत्र रूप से वंशानुगत होते हैं।