📖 उदाहरण से समझें (Learn with an Example)वृषण केवल शुक्राणु ही नहीं बनाते—वे वह हॉर्मोन भी बनाते हैं जिससे लड़कों में यौवनारंभ के परिवर्तन आते हैं।
और वे उदर गुहा के बाहर एक थैली में क्यों होते हैं? इसका कारण तापमान है।
🧠 समझिए (Understand)नर जनन तंत्र में वृषण, शुक्राणुवाहिनी, शुक्राशय, प्रोस्टेट ग्रंथि, मूत्र मार्ग तथा शिश्न होते हैं।
वृषण (Testes) शुक्राणु उत्पन्न करते हैं और टेस्टोस्टेरोन हॉर्मोन भी बनाते हैं।
टेस्टोस्टेरोन शुक्राणु उत्पादन को नियंत्रित करता है और यौवनारंभ के समय लड़कों में आने वाले परिवर्तनों के लिए उत्तरदायी है।
वृषण उदर गुहा के बाहर वृषण कोष में स्थित होते हैं, क्योंकि शुक्राणु उत्पादन के लिए शरीर के सामान्य ताप से कम ताप चाहिए।
शुक्राणु शुक्रवाहिका से होते हुए आगे बढ़ते हैं। मार्ग में शुक्राशय और प्रोस्टेट ग्रंथि अपना स्राव मिलाती हैं, जिससे शुक्राणु द्रव माध्यम में आ जाते हैं और उनका स्थानांतरण आसान हो जाता है।
यह स्राव शुक्राणुओं को पोषण भी देता है, जिससे उनकी गति सरल हो जाती है।
उदाहरण 1 (Example 1) — वृषण के कार्यमानव में वृषण के क्या कार्य हैं?
पहला काम शुक्राणुओं, यानी नर युग्मकों का उत्पादन करना है।
दूसरा काम टेस्टोस्टेरोन हॉर्मोन का स्रावण है।
टेस्टोस्टेरोन शुक्राणु उत्पादन को नियंत्रित करता है और यौवनारंभ के परिवर्तनों के लिए उत्तरदायी है।
वृषण एक साथ जनन अंग भी है और अंतःस्रावी ग्रंथि भी।
उदाहरण 2 (Example 2) — शुक्राशय और प्रोस्टेट की भूमिकाइन ग्रंथियों का क्या काम है?
ये ग्रंथियाँ शुक्राणुओं के मार्ग में अपना स्राव मिला देती हैं।
इससे शुक्राणु एक द्रव माध्यम में आ जाते हैं, जिससे उनका स्थानांतरण सरल हो जाता है।
यह स्राव उन्हें पोषण भी देता है, जिससे उनकी गति बनी रहती है।
स्थानांतरण आसान बनाना और पोषण देना—यही इनकी मुख्य भूमिका है।
⚠️ आम ग़लती (Common mistake)वृषण केवल शुक्राणु बनाते हैं। ❌
वे टेस्टोस्टेरोन हॉर्मोन भी बनाते हैं, जो यौवनारंभ के परिवर्तनों के लिए उत्तरदायी है।
वृषण शुक्राणु और टेस्टोस्टेरोन—दोनों बनाते हैं।