← अध्ययन

नेत्र की संरचना और उसके भाग

आज क्या सीखेंगे

नेत्र के मुख्य भाग और उनके काम बताना।

📖 उदाहरण से समझें (Learn with an Example)
तेज धूप से कमरे में आते ही कुछ पल कुछ नहीं दिखता, फिर धीरे-धीरे सब साफ हो जाता है।
इस बीच आँख के भीतर एक पर्दा चुपचाप अपना आकार बदल रहा होता है।
🧠 समझिए (Understand)
मानव नेत्र एक अत्यंत मूल्यवान ज्ञानेंद्रिय है, जो लगभग एक गोले के आकार का होता है।
प्रकाश सबसे पहले कॉर्निया (Cornea) नामक पतली झिल्ली से नेत्र में प्रवेश करता है। प्रकाश का अधिकांश अपवर्तन इसी बाहरी पृष्ठ पर होता है।
कॉर्निया के पीछे परितारिका (Iris) होती है, जो एक गहरे रंग की पेशीय संरचना है और पुतली के आकार को नियंत्रित करती है।
पुतली (Pupil) नेत्र में प्रवेश करने वाले प्रकाश की मात्रा को नियंत्रित करती है—तेज प्रकाश में वह सिकुड़ जाती है और कम प्रकाश में फैल जाती है।
अभिनेत्र लेंस (Eye lens) एक रेशेदार तथा जेली जैसा पदार्थ है, जो प्रकाश को दृष्टिपटल पर फोकसित करता है।
दृष्टिपटल (Retina) नेत्र के पीछे की ओर एक कोमल झिल्ली है, जिसमें प्रकाश-सुग्राही कोशिकाएँ होती हैं। यहीं वस्तु का वास्तविक तथा उलटा प्रतिबिंब बनता है।
ये कोशिकाएँ सक्रिय होकर विद्युत संकेत उत्पन्न करती हैं, जो दृक् तंत्रिका द्वारा मस्तिष्क तक पहुँचते हैं; मस्तिष्क इन संकेतों की व्याख्या करके हमें वस्तु सीधी दिखाता है।
मानव नेत्र की संरचनाकॉर्नियाअभिनेत्र लेंसपुतलीपरितारिकादृष्टिपटलप्रतिबिंब दृष्टिपटल पर बनता है—वास्तविक और उलटा।
प्रकाश कॉर्निया से भीतर आता है और दृष्टिपटल पर प्रतिबिंब बनता है।
✍️ कैसे करें (How to solve)
  1. पहले भाग का नाम पहचानिए।
  2. फिर उसका एक वाक्य में काम लिखिए।
  3. प्रकाश के रास्ते के क्रम में उत्तर लिखिए—कॉर्निया, पुतली, लेंस, दृष्टिपटल।
उदाहरण 1 (Example 1) — प्रतिबिंब कहाँ बनता है
नेत्र में वस्तु का प्रतिबिंब किस भाग पर बनता है और कैसा होता है?
अभिनेत्र लेंस प्रकाश को नेत्र के पीछे की कोमल झिल्ली, यानी दृष्टिपटल पर फोकसित करता है।
वहाँ बना प्रतिबिंब वास्तविक और उलटा होता है।
मस्तिष्क इन संकेतों की व्याख्या इस प्रकार करता है कि हमें वस्तु सीधी दिखाई देती है।
उदाहरण 2 (Example 2) — पुतली का काम
अँधेरे कमरे में जाने पर पहले कुछ नहीं दिखता, फिर दिखने लगता है—क्यों?
कम प्रकाश में परितारिका पुतली को फैला देती है, ताकि अधिक प्रकाश नेत्र में प्रवेश कर सके।
इस समायोजन में कुछ क्षण लगते हैं, इसलिए शुरू में कुछ दिखाई नहीं देता।
तेज प्रकाश में उल्टा होता है—पुतली सिकुड़ जाती है ताकि नेत्र को हानि न पहुँचे।
⚠️ आम ग़लती (Common mistake)
प्रकाश का सबसे अधिक अपवर्तन अभिनेत्र लेंस में होता है। ❌
अधिकांश अपवर्तन कॉर्निया के बाहरी पृष्ठ पर होता है; लेंस केवल सूक्ष्म समायोजन करता है।
अधिकांश अपवर्तन कॉर्निया पर होता है।

खुद जाँचें — 3 छोटे सवाल

पहले विकल्प चुनें। फिर उत्तर और उसका कारण देखें। यह समझ की जाँच है।

सवाल 1

मानव नेत्र जिस भाग पर किसी वस्तु का प्रतिबिंब बनाते हैं वह है—

सवाल 2

नेत्र में प्रवेश करने वाले प्रकाश की मात्रा कौन नियंत्रित करता है?

सवाल 3

प्रकाश का अधिकांश अपवर्तन कहाँ होता है?
अगला विषय (Next topic): समंजन क्षमता और निकट बिंदु →