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धारावाही चालक पर बल और फ्लेमिंग का वामहस्त नियम

आज क्या सीखेंगे

बल की दिशा निकालना और बल अधिकतम होने की शर्त बताना।

📖 उदाहरण से समझें (Learn with an Example)
चुंबक धारावाही तार को खींचता है, तो तार भी चुंबक पर बल लगाएगा—यह न्यूटन के तीसरे नियम से ही निकलता है।
असली सवाल यह है कि वह बल किस दिशा में लगेगा। उत्तर तीन उँगलियों में छिपा है।
🧠 समझिए (Understand)
चुंबकीय क्षेत्र में रखे किसी विद्युत धारावाही चालक पर बल आरोपित होता है और यदि वह स्वतंत्रतापूर्वक गति कर सकता हो तो वह गति करने लगता है।
यह बल तब अधिकतम होता है जब विद्युत धारा की दिशा चुंबकीय क्षेत्र की दिशा के लंबवत हो; दोनों एक ही दिशा में हों तो बल शून्य हो जाता है।
बल की दिशा फ्लेमिंग के वामहस्त नियम से ज्ञात की जाती है—बाएँ हाथ की तर्जनी, मध्यमा तथा अँगूठे को इस प्रकार फैलाइए कि तीनों परस्पर लंबवत हों।
इस व्यवस्था में तर्जनी चुंबकीय क्षेत्र की दिशा दर्शाती है, मध्यमा विद्युत धारा की दिशा, और अँगूठा चालक पर आरोपित बल की दिशा, यानी चालक की गति की दिशा बता देता है।
धारा की दिशा अथवा क्षेत्र की दिशा में से कोई एक उलट देने पर बल की दिशा भी उलट जाती है; दोनों एक साथ उलट दें तो बल की दिशा वही रहती है।
ध्यान रखिए कि आवेशित कण की गति की दिशा और धारा की दिशा एक नहीं होतीं—इलेक्ट्रॉन की गति की दिशा धारा की दिशा के विपरीत होती है।
बल बढ़ाने के तीन तरीके हैं—धारा बढ़ाना, अधिक प्रबल चुंबक का उपयोग करना, अथवा क्षेत्र में स्थित चालक की लंबाई बढ़ाना।
सूत्र (Formula)
तर्जनी — क्षेत्र; मध्यमा — धारा; अँगूठा — बल
✍️ कैसे करें (How to solve)
  1. पहले क्षेत्र और धारा की दिशाएँ लिखिए।
  2. बाएँ हाथ की तर्जनी क्षेत्र में और मध्यमा धारा में रखिए।
  3. अँगूठा जिस ओर संकेत करे, वही बल की दिशा है।
उदाहरण 1 (Example 1) — बल कब अधिकतम होता है
किसी चुंबकीय क्षेत्र में स्थित विद्युत धारावाही चालक पर आरोपित बल कब अधिकतम होता है?
यदि धारा की दिशा और चुंबकीय क्षेत्र की दिशा एक ही हो तो चालक पर कोई बल नहीं लगता।
जैसे-जैसे दोनों के बीच का कोण बढ़ता है, बल भी बढ़ता जाता है।
बल तब अधिकतम होता है जब विद्युत धारा की दिशा चुंबकीय क्षेत्र की दिशा के ठीक लंबवत हो।
उदाहरण 2 (Example 2) — इलेक्ट्रॉन पुंज का विक्षेप
कोई इलेक्ट्रॉन पुंज आपके पीछे की दीवार से सामने वाली दीवार की ओर क्षैतिजतः गमन करते हुए किसी प्रबल चुंबकीय क्षेत्र द्वारा आपके दाईं ओर विक्षेपित हो जाता है। चुंबकीय क्षेत्र की दिशा क्या है?
इलेक्ट्रॉन सामने की ओर जा रहे हैं, इसलिए विद्युत धारा की दिशा उसकी विपरीत, यानी आपकी ओर होगी।
बल, यानी विक्षेप की दिशा आपकी दाईं ओर है।
अब फ्लेमिंग के वामहस्त नियम में अँगूठा दाईं ओर और मध्यमा अपनी ओर रखिए; तब तर्जनी ऊपर की ओर नहीं, नीचे की ओर संकेत करती है।
चुंबकीय क्षेत्र की दिशा ऊर्ध्वाधर नीचे की ओर, यानी अधोमुखी है।
⚠️ आम ग़लती (Common mistake)
फ्लेमिंग के वामहस्त नियम में अँगूठा धारा दर्शाता है। ❌
वामहस्त नियम में अँगूठा बल दर्शाता है; धारा मध्यमा से और क्षेत्र तर्जनी से मिलता है।
तर्जनी—क्षेत्र, मध्यमा—धारा, अँगूठा—बल।

खुद जाँचें — 3 छोटे सवाल

पहले विकल्प चुनें। फिर उत्तर और उसका कारण देखें। यह समझ की जाँच है।

सवाल 1

धारावाही चालक पर बल की दिशा किस नियम से ज्ञात होती है?

सवाल 2

चालक पर बल अधिकतम कब होता है?

सवाल 3

फ्लेमिंग के वामहस्त नियम में तर्जनी किसकी दिशा दर्शाती है?
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