भूमिका (Background)धारावाही तार के पास रखी दिक्सूचक की सुई घूम जाती है—यानी विद्युत धारा चुंबक की तरह काम करती है। और उलटा भी सच है: चुंबक को कुंडली के पास हिलाइए तो कुंडली में धारा पैदा हो जाती है। इन्हीं दो तथ्यों पर पंखा, मोटर और बिजलीघर—सब टिके हैं। इस अध्याय में हम चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ, धारावाही चालक का चुंबकीय क्षेत्र, उस पर लगने वाला बल, विद्युत मोटर, वैद्युतचुंबकीय प्रेरण, विद्युत जनित्र और घरेलू विद्युत परिपथ देखेंगे। हर तकनीकी शब्द के साथ जरूरी अंग्रेज़ी शब्द भी कोष्ठक में दिया गया है।